तिरुवनंतपुरम, 30 जनवरी कांग्रेस के अनुभवी नेता ए.के. एंटनी ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी ने देश को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा फैलाई जा रही नफरत और गुस्से की राजनीति से बचाने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी।
महात्मा गांधी की 75वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एंटनी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार नफरत और गुस्से की राजनीति को बढ़ावा देकर देश की सत्ता कायम रखना चाहती है जबकि दूसरी ओर राहुल गांधी ने देश की एकता, विविधता और अखंडता की रक्षा करने और धर्म, जाति, रंग, नस्ल से परे जाकर प्रेम और सौहार्द्र का संदेश देने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाली।’’
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा का निष्कर्ष देश न केवल नए राहुल को देखेगा बल्कि यह सांप्रदायिक शक्तियों को लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता से बेदखल करने की लड़ाई के दूसरे चरण की भी शुरुआत है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत जोड़ो यात्रा संपन्न हो गई है, भारत को अब नया राहुल देखने को मिल रहा है। नए राहुल गांधी देश का ध्यान रखेंगे और नफरत और आक्रोश फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करेंगे।’’
पूर्व रक्षामंत्री एंटनी ने कहा, ‘‘यह समय दूसरा चरण शुरू करने का है। इसका अभिप्राय है कि यह समय उन ताकतों केा कमजोर करने और हराने का है जो देश को नफरत और क्रोध के जरिये विभाजित करने की कोशिश कर रही हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब दूसरा चरण सफलतापूर्वक संपन्न होगा तब ‘‘ हमारा लक्ष्य पूर्ण होगा।’’
एंटनी ने सुझाव दिया कि उन लोगों को करीब रखा जाए तो विभिन्न दौर में कांग्रेस से दूर हो गए और उम्मीद जताई कि जो यात्रा से अलग रहे वह भविष्य में पार्टी की कोशिशों में साथ देंगे।
केरल विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश चेन्नीथला ने इस मौके पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केरल इकाई को यात्रा में शामिल नहीं होने पर आड़े हाथ लिया।
उन्होंने कहा कि अगर वामदल देश में फांसीवाद के खिलाफ लड़ाई में गंभीर है तो उसे यात्रा में हिस्सा लेना चाहिए था।
चेन्नीथला ने कहा कि माकपा का नेतृत्व जिसे त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का समर्थन था, ने भी पार्टी की केरल इकाई के रुख की वजह से यात्रा में हिस्सा नहीं लिया।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा के समापन पर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में रैली आयोजित की जिसमें कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के नेता शामिल हुए। श्रीनगर में यह रैली भारी सुरक्षा और बर्फबारी के बीच हुई।
गौरतलब है कि 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हर साल इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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