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Wayanad Tragedy: वायनाड त्रासदी पर जवाबदेही से बचने के लिए राहुल गाधी काल्पनिक मुद्दे उठा रहे हैं- भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी की ओर से अपने खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की तैयारी का दावा करने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि वायनाड से सांसद के रूप में अपनी जवाबदेही से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वह एक नई कहानी गढ़ रहे हैं.

Wayanad Tragedy: वायनाड त्रासदी पर जवाबदेही से बचने के लिए राहुल गाधी काल्पनिक मुद्दे उठा रहे हैं- भाजपा
BJP | Photo- X

नयी दिल्ली, 2 अगस्त : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी की ओर से अपने खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की तैयारी का दावा करने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि वायनाड से सांसद के रूप में अपनी जवाबदेही से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वह एक नई कहानी गढ़ रहे हैं. भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि हो सकता है कि राहुल गांधी से कहा गया हो कि लोग उनकी जवाबदेही के बारे में सवाल पूछ रहे हैं, इसलिए उन्होंने एक नया विमर्श गढ़ने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि गांधी ने वायनाड से जुड़े सवालों से बचने के लिए एक काल्पनिक मुद्दा उठाया है. उन्होंने दावा किया कि लोग उनकी जवाबदेही के बारे में पूछ रहे हैं. विपक्ष के नेता के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा की सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) के नेता ललन सिंह ने कहा कि गांधी ने कुछ ऐसा किया होगा तभी उन्हें लग रहा है कि उनके खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई हो सकती है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर किसी ने कोई गलत नहीं किया है तो उसे कुछ क्यों होगा?’’ गांधी 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में वायनाड से चुने गए थे. उन्होंने इस बार वायनाड की जगह रायबरेली से चुनाव लड़ा था और वहां से जीत दर्ज की. कांग्रेस ने घोषणा की है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा वायनाड से उपचुनाव लड़ेंगी. दोनों भाई-बहन फिलहाल वायनाड के दौरे पर हैं जहां वे प्रभावित परिवारों से मिल रहे हैं.राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जाहिर है कि ‘2 इन 1’ को मेरा चक्रव्यूह वाला भाषण अच्छा नहीं लगा. ईडी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया है कि छापेमारी की तैयारी हो रही है. मैं ईडी का दिल खोलकर इंतजार कर रहा हूं. मेरी तरफ से चाय और बिस्कुट.’’ चंद्रशेखर ने कहा कि आपदा में 300 से अधिक लोगों की मौत सिर्फ त्रासदी नहीं बल्कि एक अपराध है. उन्होंने कहा कि मरने वालों में ज्यादातर गरीब हैं. यह भी पढ़ें : Rahul Gandhi Wayanad Visit: वायनाड लैंडस्लाइड पर बोले राहुल गांधी, केरल ने इतनी भीषण तबाही कभी नहीं देखी

उन्होंने इस लापरवाही के लिए 2009 के बाद से केरल में शासन करने दलों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वायनाड के लोगों ने इसकी कीमत चुकाई है. भाजपा नेता ने त्रासदी के संबंध में मीडिया के साथ राय और अध्ययन रिपोर्ट साझा करने वाले विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थानों को प्रतिबंधित करने के कदम के लिए केरल की वाम मोर्चे की सरकार की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन में मतभेदों के बावजूद अधिकतर विपक्षी दल शामिल हैं और यह खेमा पाखंड में डूबा हुआ है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की कोई परवाह नहीं करता.

आलोचनाओं का सामना कर रहे केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव वी. वेणु को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) द्वारा जारी उस विवादास्पद नोट को वापस लेने का निर्देश दिया जिसमें वायनाड में हाल में हुए घातक भूस्खलन के संबंध में विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थानों को मीडिया के साथ राय और अध्ययन साझा करने करने से कथित तौर पर रोक दिया गया था. हालांकि, विजयन ने एक बयान जारी कर कहा कि यह खबर भ्रामक है कि एसडीएमए ने वैज्ञानिक संस्थानों और वैज्ञानिकों को वायनाड में आपदा प्रभावित मेप्पाडी का दौरा नहीं करने और अपनी राय व्यक्त नहीं करने का निर्देश दिया है.

भाजपा नेता ने संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस द्वारा भारत को गरीबी से बाहर निकालने में की गई सराहना का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि 2014 से पहले सरकारी तंत्र की कहानी यह थी कि यह बेकार और भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में डिजिटल क्रांति भी हुई जिससे इंटरनेट कनेक्शन 17 करोड़ से बढ़कर 90 करोड़ हो गया और बैंक खाता धारकों की संख्या 14 करोड़ से बढ़कर 52 करोड़ हो गई. फ्रांसिस ने डिजिटलीकरण के माध्यम से तीव्र विकास को गति देने का जिक्र करते हुए भारत का उदाहरण दिया और उसकी सराहना की. उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए भारत का मामला लें,… भारत पिछले पांच या छह वर्षों में केवल स्मार्टफोन के उपयोग से 80 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सक्षम रहा है.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2024 04:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).