देश की खबरें | राफेल : प्रधानमंत्री ने कहा राष्ट्र रक्षा से बड़ा कोई पुण्य नहीं, कांग्रेस ने कीमत पर उठाए सवाल
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 29 जुलाई राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप बुधवार को भारत पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र रक्षा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। भाजपा नेताओं ने विमान के आगमन की प्रशंसा की, लेकिन कांग्रेस ने इसका स्वागत करने के साथ ही विमान की कीमत और खरीद में ‘‘विलंब’’ पर सवाल उठाए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप के रूप में पांच विमानों का बेड़ा फ्रांस से बुधवार को अंबाला वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर उनका स्वागत किया और कहा कि देश की रक्षा के समान न तो कोई पुण्य, न कोई व्रत और न ही कोई यज्ञ है।

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मोदी ने संस्कृत में ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च।। नभः स्पृशं दीप्तम्...स्वागतम्!।’’

इसका अर्थ है, ‘‘राष्ट्र रक्षा के समान कोई पुण्य नहीं है, राष्ट्र रक्षा के समान कोई व्रत नहीं है, राष्ट्र रक्षा के समान कोई यज्ञ नहीं है, नहीं हैं, नहीं है।’’

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वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर का इस्तेमाल चीन को कड़ा संदेश देने के लिए किया।

उन्होंने कहा कि पांच राफेल विमानों के आगमन से भारतीय वायुसेना देश के सामने आने वाली किसी भी चुनौती को दृढ़ता से विफल करने के लिए तैयार रहेगी। साथ ही भारत की अंखडता को चुनौती देने की मंशा रखने वालों को इसकी नयी क्षमता से चिंतित होना चाहिए।

सिंह के इस बयान को चीन के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसके साथ भारत का पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद चल रहा है।

उन्होंने ट्वीट किया कि राफेल विमानों के भारत आगमन के साथ ही भारतीय सैन्य इतिहास का नया युग शुरू हो गया है। इससे वायुसेना को देश के सामने आने वाली किसी भी चुनौती को दृढ़ता से विफल करने में मदद मिलेगी।

सिंह ने कहा, ''जो हमारी अखंडता को चुनौती देने की मंशा रखते हैं, उन्हें भारतीय वायुसेना की इस नयी क्षमता से चिंतित होना चाहिए।''

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमानों की पहली खेप के भारत आने पर वायुसेना को बधाई दी लेकिन सवाल किया कि एक विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये की बजाय 1,670 करोड़ रुपये क्यों अदा की गई ?

उन्होंने यह सवाल भी किया कि 126 विमानों की जगह 36 विमान ही क्यों खरीदे गए और 30 हजार करोड़ रुपये का ऑफसेट ठेका हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की बजाय दिवालिया हो चुके एक उद्योगपति को क्यों दिया गया?

उच्चतम न्यायालय ने 2018 में उन जनहित याचिकाओं को खारिज कर दिया था जिनमें 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के 59 हजार करोड़ रुपये के सौदे की जांच का आग्रह किया गया था।

न्यायालय ने मामले में सरकार को क्लीन चिट दे दी थी।

भारतीय धरती पर पांच राफेल लड़ाकू विमानों के उतरने को भारतीय वायुसेना के लिए ऐतिहासिक दिन और देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये आसमान में किसी भी चुनौती को नाकाम करने में सक्षम दुनिया की सबसे शक्तिशाली मशीनें हैं।

शाह ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि मोदी सरकार भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और विश्वस्तरीय लड़ाकू विमान इस दिशा में बड़ा बदलाव लाने वाले साबित होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘राफेल का उतरना हमारी शक्तिशाली वायुसेना के लिए ऐतिहासिक दिन और भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। ये आसमान में किसी भी चुनौती को नाकाम करने में सक्षम सबसे शक्तिशाली मशीनें हैं। मुझे विश्वास है कि राफेल अपनी शक्ति के साथ हमारे आसमान की सुरक्षा करने में हमारे वायुवीरों की मदद करेंगे।’’

गृह मंत्री ने कहा कि अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का वायुसेना में शामिल होना भारत को शक्तिशाली और सुरक्षित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प का प्रमाण है।

शाह ने वायुसेना को इस तरह की अभूतपूर्व शक्ति प्रदान करने के लिए मोदी का आभार भी प्रकट किया।

उन्होंने कहा, ‘‘गति से शस्त्र क्षमताओं तक, राफेल एक कदम आगे है। मुझे विश्वास है कि यह विश्वस्तरीय लड़ाकू विमान परिवर्तन लाने वाला साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय वायुसेना और पूरे देश को इस क्षण के लिए बधाई।’’

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि राफेल विमानों के आने से न सिर्फ सुरक्षाबलों को और अधिक ताकत मिलेगी, बल्कि वायुसेना देश पर आने वाले किसी भी खतरे को रोकने में अहम भूमिका भी निभाएगी।

नड्डा ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘‘दृढ़ इच्छाशक्ति’’ के कारण आज राफेल भारत पहुंचा है, मोदी और राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

राफेल के भारत आने पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पूर्व रक्षा मंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर को याद किया जिन्होंने सितंबर 2016 में संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने मोदी के नेतृत्व की सराहना की।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘राफेल का भारत में स्वागत ! वायुसेना के जाबांज लड़ाकों को बधाई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज हर देशभक्त यह ज़रूर पूछे कि मेक इन इंडिया की बजाय मेक इन फ्रांस क्यों ? पांच साल की देरी क्यों ?’’

भाजपा की सहयोगी लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ने राफेल के भारत आगमन की प्रशंसा की और कहा कि देश के आयुध भंडार में एक शक्तिशाली अस्त्र शामिल हो गया है।

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