जोधपुर, नौ दिसंबर राजस्थान उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की तरफ से अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने का आग्रह करने वाली याचिका पर बुधवार को रोक लगा दी। एक टीवी शो में 2017 में वाल्मीकि समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर जातिवादी टिप्पणी करने के लिए उनके खिलाफ ये प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं।
खान के वकील की याचिका को मंजूर करते हुए न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख आठ हफ्ते बाद तय की जब तक कि उच्चतम न्यायालय में लंबित इसी तरह की याचिका पर निर्णय नहीं हो जाता है।
यह भी पढ़े | Himachal Pradesh: हिमाचल के मंत्री ने कोरोना मरीजों को लिखा पत्र, अपना अनुभव किया साझा.
खान के वकील निशांत बोरा ने कहा कि खान के खिलाफ जोधपुर और चुरू जिलों में दो शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनमें आरोप लगाए गए हैं कि 2017 में अपनी फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ के प्रमोशन के दौरान एक टीवी शो में समुदाय के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्होंने अनुसूचित जातियों की भावनाएं आहत कीं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने राजस्थान में इन प्राथमिकियों को रद्द करने का आग्रह करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने याचिका को मंजूरी दी और दोनों प्राथमिकियों में जांच पर रोक लगा दी थी।’’
यह भी पढ़े | PLI स्कीम: विदेशी मोबाइल कंपनियों ने किया आवेदन, 9 लाख लोगों को रोजगार का वादा.
उन्होंने कहा, ‘‘सुनवाई के लिए मामला आज सूचीबद्ध था। हमने अदालत को बताया कि इसी तरह की याचिका उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है और आग्रह किया कि मामले में तब तक सुनवाई नहीं की जाए जब तक कि उच्चतम न्यायालय की याचिका पर निर्णय नहीं हो जाता है।’’
बोरा ने कहा कि खान के खिलाफ महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में इस मामले में करीब आधा दर्जन प्राथमिकियां दर्ज हैं और उन्होंने इन प्राथमिकियों को रद्द करने के लिए उच्चतम न्यायालय में अपील की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY