देश की खबरें | बंगाल में विश्वविद्यालय-स्तरीय शिक्षा में गुणात्मक सुधार पहला लक्ष्य : राज्यपाल बोस

कोलकाता, 28 जून पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने बुधवार को कहा कि राज्य में विश्वविद्यालयीन शिक्षा में गुणात्मक सुधार करना उनका पहला लक्ष्य है।

बोस ने सिलीगुड़ी में उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय में 10 राज्य संचालित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक के बाद कहा कि उन्होंने एक संकल्प लिया है कि उनका हर दायित्व छात्रों के प्रति है। बैठक के बाद बोस ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारा पहला उद्देश्य बंगाल में विश्वविद्यालयीन शिक्षा का गुणात्मक सुधार करना है। बंगाल के विश्वविद्यालय देश में सर्वश्रेष्ठ होने चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रयास करेंगे कि बंगाल की नई पीढ़ी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बने।

उन्होंने कहा, “हम बंगाल को देश का शैक्षिक केंद्र बनाने का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करेंगे।”

कुलपतियों की स्वतंत्रता और उनमें भरोसे का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में जो कुछ भी किया जाना है वह उनके (कुलपतियों) द्वारा ही सर्वथा उचित तरीके से किया जाएगा।

राज्यपाल सभी राज्य-संचालित विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी हैं।

इससे पहले दिन में जब राज्यपाल का काफिला सिलीगुड़ी में उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय (यूएनबी) के परिसर में प्रवेश कर रहा था तब बोस को तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा, ‘तृणमूल छात्र परिषद’ (टीएमसीपी) के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए।

टीएमसीपी के सदस्य “वापस जाओ” के नारे लगा रहे थे।

बोस ने आगामी पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान हिंसा-प्रभावित विभिन्न स्थानों का दौरा करने के उपरांत उनके विचारों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए दौरा कर रहे हैं और पीड़ितों, उनके रिश्तेदारों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे किसी नतीजे पर पहुंचने दीजिए और फिर बताऊंगा कि मैं क्या कार्रवाई करने का प्रस्ताव रखता हूं।”

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