चंडीगढ़, 18 सितंबर केंद्र सरकार के तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच पंजाब के विधायक और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘पंजाब, पंजाबियत और हर पंजाबी’’ किसानों के साथ है।
पिछले साल मंत्री पद से इस्तीफे के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सिद्धू ने खेती को ‘‘पंजाब की आत्मा’’ कहा।
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उन्होंने ट्वीट किया ‘‘शरीर के घाव भर जाते हैं पर आत्मा पर वार नासूर बन कर सदा रिसता है, हमारे अस्तित्व हमारी आत्मा पर वार बर्दाश्त नही। जंग की तूती बोल रही है - इंकलाब जिंदाबाद। पंजाब, पंजाबियत और हर पंजाबी कंधे से कंधे मिलाकर एकजुट होकर किसान के साथ है।”
राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के एक साल से अधिक समय बाद कांग्रेस नेता ने अपने ट्विटर हैंडल पर यह ट्वीट पोस्ट किया।
एक अन्य ट्वीट में, उन्होंने भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया और कहा, ‘‘सरकारें तमाम उम्र यही भूल करती रही, धूल उनके चेहरे पर थी, आईना साफ करती रही।’’
पिछले साल राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद से सिद्धू ने चुप्पी साध ली थी और अब उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है ।
अमृतसर के विधायक सिद्धू का मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ टकराव चल रहा था । पिछले साल जून में मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण फेरबदल में सिद्धू से महत्वपूर्ण विभाग ले लिए गए थे।
पंजाब में कई किसान संगठन कृषि विधेयकों का विरोध कर रहे हैं ।
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