देश की खबरें | पंजाब पुलिस ने राज्य में 1,200 से अधिक आव्रजन कंपनियों पर छापे मारे; सात ट्रैवल एजेंट गिरफ्तार

चंडीगढ़, 25 फरवरी पंजाब पुलिस ने विदेश में बसने के इच्छुक युवाओं को बेईमान ट्रैवल एजेंटों के जाल में फंसने से बचाने के लिए राज्य भर में 1,274 आव्रजन कंपनियों पर छापे मारे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के निर्देश पर सोमवार को सभी 28 पुलिस जिलों में एक साथ अवैध ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया।

अमेरिका द्वारा हाल में भारत के अवैध प्रवासियों को वापस भेजे जाने के मद्देनजर राज्य भर में अवैध ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

अमेरिका से निर्वासित हुए पंजाब और हरियाणा के कई लोगों ने आरोप लगाया है कि ट्रैवल एजेंटों ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। उनका दावा है कि उनसे मोटी रकम लेने और अमेरिका में कानूनी तरीके से प्रवेश का वादा करने के बावजूद, उन्हें "डंकी रूट" के ज़रिए अमेरिका ले जाया गया। ‘डंकी रूट’ अवैध और खतरों से भरा रास्ता है जिसका इस्तेमाल गैर कानूनी प्रवासी अमेरिका में प्रवेश करने के लिए करते हैं।

इस बीच, पंजाब के विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने कहा कि पुलिस टीमों ने बेईमान ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कम से कम 24 प्राथमिकी दर्ज की हैं और सात को गिरफ्तार किया है। वह सोमवार को दिन भर चले राज्य स्तरीय अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सभी पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को राजपत्रित अधिकारियों की देखरेख में विशेष पुलिस दल गठित करने को कहा गया है, जो अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सभी आव्रजन और ट्रैवल एजेंट कंपनियों में तलाशी लेंगे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल्स रेगुलेशन’ कानून 2012 के प्रावधानों के अनुसार, सभी ट्रैवल एजेंटों को उपायुक्त कार्यालय से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है, जो पांच साल के लिए वैध होता है और बाद के पांच साल की अवधि के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है।

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