चंडीगढ़, एक नवंबर पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखने के कुछ दिनों बाद उन्हें भेजे गए तीन में से दो विधेयकों को अपनी मंजूरी दे दी है। इस पत्र में उन्होंने कहा था कि विधेयकों को विधानसभा में पेश करने की अनुमति देने से पहले वह सभी प्रस्तावित कानूनों की गुण दोष के आधार पर जांच करेंगे।
विधानसभा में धन विधेयक पेश करने के लिए राज्यपाल की मंजूरी की जरूरत होती है।
आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि पुरोहित ने पंजाब माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक- 2023 और भारतीय स्टांप (पंजाब संशोधन) विधेयक-2023 को मंजूरी दे दी है।
पहले विधेयक का उद्देश्य माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना और ऑनलाइन गेमिंग पर कर लगाने का मार्ग प्रशस्त करना है। दूसरे विधेयक में संपत्ति गिरवी रखने पर स्टांप शुल्क लगाने का प्रावधान है।
पुरोहित ने 29 अक्टूबर को मान को लिखे पत्र में कहा था कि वह राज्य के लोगों के कल्याण में गुण दोष के आधार पर सभी विधेयकों की जांच करेंगे। इस पत्र के बाद ही यह मंजूरी दी गई है।
पुरोहित ने मान को यह पत्र तब भेजा था जब आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने विधेयकों की मंजूरी रोकने के लिए उनके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।
पंजाब राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक-2023, पंजाब माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक- 2023 और भारतीय स्टांप (पंजाब संशोधन) विधेयक- 2023 को 20-21 अक्टूबर के विधानसभा सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाना था।
लेकिन, राज्यपाल ने 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में इन तीन धन विधेयकों को अपनी मंजूरी देने से इनकार कर दिया था।
राज्यपाल ने विधानसभा के 20-21 अक्टूबर के सत्र को ‘अवैध’ बताया था और कहा था कि इस सत्र में किया गया कोई भी विधायी कार्य ‘गैर-कानूनी’ होगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री मान ने तीन विधेयकों की मंजूरी रोकने के लिए राज्यपाल के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाने की बात कही थी।
आप सरकार पहले ही इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुकी है।
एक साल में यह दूसरी बार है जब आप सरकार ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले, पंजाब सरकार ने मार्च में बजट सत्र को लेकर शीर्ष अदालत का रुख किया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY