चंडीगढ़, चार सितंबर पंजाब में घर पर पृथक-वास में रहने वाले कोविड-19 के मरीजों को अपने मकान के प्रवेश द्वार पर लगे पोस्टर के कारण अब सामाजिक तौर पर अलगाव या लांछन का सामना नहीं करना पड़ेगा।
महामारी से जुड़े लांछन को दूर करने की दिशा में कदम उठाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कोविड-19 के मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने के अपनी सरकार के फैसले को रद्द कर दिया। राज्य सरकार के पूर्व के फैसले के तहत पृथक-वास में रह रहे मरीजों के घरों पर पोस्टर लगाए जाते थे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में सिंह ने कहा कि पहले से लगाए गए पोस्टरों को हटाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का मकसद संक्रमित मरीजों के घर के दरवाजे पर ऐसे पोस्टर लगाने के कारण समाज में अलग-थलग पड़ने की भावना को दूर करना है। उन्होंने लोगों से लोगों की जांच के लिए भी आगे आने की अपील की ।
सिंह ने कहा कि इन पोस्टरों के कारण मरीजों की मनोदशा पर असर पड़ रहा था । इस पोस्टर को लगाने का उद्देश्य था कि आस-पड़ोस के लोग सावधानी बरतें लेकिन यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया।
उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों के कारण लोग जांच कराने से कतराने लगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोस्टर लगाए जाने से सामाजिक तौर पर अलगाव की भावना भी पैदा हुई और मरीजों को लेकर भी लोगों के मन में अलग नजरिया पैदा हो गया। सिंह ने कहा कि समाज को मरीजों और उनके परिवारों का समर्थन करना चाहिए ।
मुख्यमंत्री ने पोस्टर हटाए जाने के बावजूद लोगों से सभी एहतियाती कदम उठाने और पृथक-वास के संबंध में सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया ।
उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन आपदा प्रबंधन कानून, महामारी कानून और आईपीसी के तहत दंडनीय अपराध होगा ।
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