जालंधर, 14 अप्रैल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को लोगों से भारतीय संविधान की भावना को बनाए रखने का आह्वान किया और कहा कि इसे देश के भीतर कुछ शक्तियों से खतरा है ।
बी आर आम्बेडकर की जयंती के मौके पर यहां आयोजित एक समारोह में लोगों को संबोधित करते हुये मान ने कहा कि आंम्बेडकर द्वारा निर्मित संविधान की मूल भावना को कुछ लोग कमतर करने का प्रयास कर रहे हैं ।
देश के पहले कानून मंत्री रह चुके आंम्बेडकर संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष थे।
मान ने कहा कि ऐसे प्रयास कोई विदेशी या ब्रिटिश नहीं कर रहे हैं, ‘‘हमारे अपने कुछ लोग’’ऐसा कर रहे हैं और वह अपनी मंशा में सफल हों इससे पहले उन्हें रोकने की जरूरत है ।
आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि आम्बेडकर ने लोगों को मताधिकार देकर सशक्त किया था, जिससे उन्हें उन लोगों को हटाने में मदद मिली जिन्होंने कभी राज्य पर शासन किया था ।
उन्होंने बताया कि प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, मनप्रीत सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया आदि को हटाने में लोग कामयाब रहे और यह सब वोट की शक्ति से हुआ है ।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र हमारे संविधान का स्तंभ है और इसलिये इसके मूल्यों के साथ छेड़छाड़ के किसी प्रयास को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा ।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कमजोर संवैधानिक लोकतंत्र के कारण यह पड़ोसी मुल्क गंभीर संकट में है ।
मान ने आंबेडकर को महान विद्वान, न्यायविद, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक, राजनेता और विश्व इतिहास के सबसे महान व्यक्तित्वों में से एक करार दिया । उन्होंने कहा कि संविधान आंबेडकर की कड़ी मेहनत, समर्पण और दूरदर्शिता का परिणाम है।
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