देश की खबरें | पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्यपाल पर सिख गुरुद्वारा विधेयक में अवरोध डालने का आरोप लगाया

चंडीगढ़, 15 जुलाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिख गुरुद्वारा (संशोधन) विधेयक, 2023 पर हस्ताक्षर नहीं करने के लिए शनिवार को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित की आलोचना की और उन पर राज्य के लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा का गला घोंटने का आरोप लगाया।

पंजाब विधानसभा ने 20 जून को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से गुरबानी का निशुल्क प्रसारण सुनिश्चित करने के लिए सिख गुरुद्वारा (संशोधन) विधेयक, 2023 पारित किया था।

एक दिन पहले, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने कहा था कि वह स्वर्ण मंदिर से गुरबानी के प्रसारण के लिए एक सैटेलाइट चैनल और अपना यूट्यूब चैनल शुरू करेगी।

मान ने शनिवार को ट्वीट किया कि गुरबानी का प्रसारण दोबारा बादल परिवार की कंपनी के ‘‘खास लोगों’’ के हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने शनिवार को राज्यपाल को लिखे एक पत्र में कहा है, ‘‘...अफसोस है कि विधेयक पर आज तक हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। यह पंजाब के लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा का गला घोंटने जैसा है।’’

मान ने पीटीसी चैनल का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि ‘‘एक राजनीतिक परिवार के मालिकाना हक वाले खास चैनल ने श्री हरमंदिर साहिब से ‘सरब सांझी गुरबानी’ के प्रसारण पर एकाधिकार कर लिया है और इससे मुनाफा कमा रहा है।’’

पीटीसी चैनल का संबंध अक्सर बादल परिवार से जोड़ा जाता है।

मान ने राज्यपाल से एसजीपीसी और निजी चैनल के बीच 23 जुलाई को समझौता समाप्त होने से पहले विधेयक पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया।

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