देश की खबरें | पंजाब के मुख्यमंत्री ने चीन के बार-बार उल्लंघन पर केंद्र के कड़े रुख की जरूरत बताई
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चंडीगढ़, 16 जून पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को कहा कि समय आ गया है जब केंद्र चीन के मामले में कड़े कदम उठाए क्योंकि ‘‘हमारी कमजोरी का हर संकेत’’ चीन की प्रतिक्रिया को और अधिक ‘आक्रामक’ बनाता है।

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार को चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में सेना के एक अधिकारी और दो जवानों के शहीद होने के बाद मुख्यमंत्री का बयान आया है।

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उन्होंने कहा, ‘‘समय आ गया है कि अब भारत बार-बार हो रहे इन अतिक्रमणों के खिलाफ खड़ा हो जो हमारे क्षेत्रीय अधिकारों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन हैं। हमारी क्षेत्रीय अखंडता पर इस तरह के हमलों को रोका जाए।’’

सिंह ने नाराजगी भरे स्वर में ट्वीट किया, ‘‘गलवान घाटी में जो हो रहा है, वह चीन के उल्लंघनों की निरंतरता है। अब समय आ गया है कि देश इन अतिक्रमणों के खिलाफ खड़ा हो। हमारे जवान खेल का हिस्सा नहीं हैं कि हर कुछ दिन में सीमाओं की रक्षा करते हुए हमारे अधिकारी और जवान हताहत हो जाएं।’’

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उन्होंने कहा कि भारत सरकार कुछ कड़े कदम उठाये।

सिंह ने कहा, ‘‘हमारी तरफ से कमजोरी का हर संकेत चीन की प्रतिक्रिया को और अधिक आक्रामक बनाता है।’’

उन्होंने कहा कि सीमा पर तनाव कम करना महत्वपूर्ण है और भारत जंग के पक्ष में नहीं है, लेकिन देश इस समय कमजोरी नहीं दर्शा सकता और चीन को आगे कोई अतिक्रमण करने से रोकने तथा भारत के क्षेत्रों और लोगों पर हमले करने से रोकने के लिए हमें मजबूत रुख रखना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना के कमांडिंग अधिकारी और दो जवानों की निर्ममता से हत्या के बाद भी बीजिंग अनजान बन रहा है और भारत पर एकपक्षीय कार्रवाई के जरिये उकसाने का आरोप लगाकर हम पर ही तोहमत मढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि चीन की ओर से इस तरह की प्रतिक्रिया उसके दोहरेपन का उदाहरण है।

सिंह ने कहा कि चीन की गतिविधियां दोनों देशों के बीच हुई सभी संधियों का सीधा उल्लंघन और भारतीय अखंडता पर सीधा हमला है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि उचित कदम उठाकर यह कड़ा संदेश दिया जाए कि वह इन हमलों को हल्के में नहीं लेगा।

पिछल कुछ सप्ताहों में भारत-पाक और भारत-नेपाल सीमाओं पर हालिया घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश स्पष्ट रूप से उन ताकतों से घिरा हुआ है जो कोविड-19 संकट का फायदा उठाकर उसकी शांति को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें आगाह किया जाए कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा पर किसी कीमत पर समझौता नहीं करेगा और वह आंतरिक रूप से महामारी से लड़ते हुए भी बाहरी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।’’

उन्होंने गलवान घाटी की हिंसा में शहीद हुए बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश भारतीय सेना के साथ खड़ा है।

सेना ने कहा कि भारत ने हिंसक टकराव में अपने एक अधिकारी और दो जवानों को खो दिया, वहीं चीन की तरफ भी लोग हताहत हुए हैं।

अभी यह पता नहीं चल सका है कि चीन की तरफ कितने लोग हताहत हुए हैं।

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