चंडीगढ़, 25 जून भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस)के अधिकारी संजय पोपली के 27 वर्षीय बेटे की यहां शनिवार को गोली लगने से मौत हो गयी। पुलिस का कहना है कि उसने आत्महत्या की है, जबकि परिवार ने साजिश का अंदेशा जताया है।
एक पड़ोसी ने संवाददाताओं को बताया कि सतर्कता विभाग का एक दल अधिकारी के खिलाफ मामले की जांच के सिलसिले में उसके घर आया था और घटना के वक्त वे वहां मौजूद था ।
हालांकि विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि घटना होने से पहले वे लोग घर से निकल चुके थे। पंजाब पुलिस के सतर्कता विभाग ने नवांशहर में सीवेज पाइपलाइन बिछाने के लिए निविदा को मंजूरी देने के एवज में कथित रूप से रिश्वत मांगने के मामले में आईएएस अधिकारी संजय पोपली को गिरफ्तार किया था।
चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह चाहल ने कहा कि जांच में सामने आया है कि 27 साल के युवक ने खुद को गोली मार ली। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है। उन्होंने कहा कि घटना में लाइसेंसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया था।
पोपली की पत्नी ने संवाददाताओं को बताया, “सतर्कता विभाग के अधिकारी हम पर दबाव डाल रहे थे और उन्होंने जो मामला दर्ज किया था उसके संबंध में गलत बयान देने के लिए मेरे घरेलू सहायक तक को परेशान कर रहे थे। मेरा 27 साल का बेटा चला गया। वह एक अच्छा वकील था। उन्होंने उसे मुझसे छीन लिया।”
अपने बेटे के रक्त के धब्बे हाथ पर दिखाते हुए पोपली की पत्नी ने कहा, “गलत मामला बनाने के लिए, उन्होंने मेरा बेटा छीन लिया, कार्तिक पोपली चला गया।”
उन्होंने रोते हुये कहा, “मैं अपने इन हाथों को तब तक नहीं धोऊंगी जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता है। मुझे न्याय चाहिये । मैं अदालत जाऊंगी।’’
वह रोते-चिल्लाते बार- बार दोहरा रही थी, ‘‘मेरा बेटा मारा गया ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘(पंजाब के मुख्यमंत्री) भगवंत मान को इसका जवाब देना होगा।”
उन्होंने कहा कि उनके पति संजय को अदालत में पेश होना था कि सतर्कता विभाग का दल उनके घर आ धमका।
उन्होंने कहा, “सतर्कता विभाग के लोग कार्तिक को ऊपर के कमरे में ले गए और जब मैं ऊपर गई तो वे मेरे बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। हमारे मोबाइल फोन भी ले लिए गए थे।”
पोपली परिवार की पड़ोसी 51 वर्षीय एक महिला ने कहा, “संजय पोपली पर आरोपों को स्वीकार करने के लिये सतर्कता आयोग का दबाव था।”
महिला ने कहा, “कार्तिक पोपली को घंटों तक हिरासत में रखा गया।”
दूसरी तरफ, सतर्कता विभाग के उपाधीक्षक अजय कुमार ने बताया, ‘‘हम उनके घर से कुछ बरामदगी करने के बाद वहां से लौट आये थे । हम आरोपी के साथ लौटे थे ।’’
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