नयी दिल्ली, 23 अगस्त विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की खरीद गतिविधियों में तेजी के कारण सरकारी पोर्टल जीईएम से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद इस वित्त वर्ष में अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गयी है। एक सरकारी बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद के लिए सरकारी ई-मार्केट (जीईएम) पोर्टल नौ अगस्त, 2016 को शुरु किया गया था।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘जीईएम ने वित्त वर्ष 2022-23 में 243 दिनों के मुकाबले वित्त वर्ष 2023-24 में 145 दिनों के भीतर यह ‘मील का पत्थर’ हासिल कर लिया।’’
इसमें कहा गया है कि इस खरीद में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई), केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों का योगदान क्रमशः 54 प्रतिशत, 26 प्रतिशत और 20 प्रतिशत रहा है।
वित्त वर्ष 2021-22 में खरीद मूल्य 1.06 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह दो लाख करोड़ रुपये को पार कर गया था और इस साल यह तीन लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है।
जीईएम के पास 63,000 से अधिक सरकारी खरीदार संगठन और 62 लाख से अधिक विक्रेता और सेवा प्रदाता हैं जो उत्पादों और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करते हैं।
वर्तमान में सरकारी विभागों, मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, राज्य सरकारों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को इस पोर्टल के माध्यम से लेनदेन करने की अनुमति है।
यह पोर्टल कार्यालय स्टेशनरी से लेकर वाहनों तक उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY