कोच्चि, सात अक्टूबर केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्माणाधीन विझिंजम बंदरगाह के सामने प्रदर्शन के तहत लगाए गए अपने तंबुओं को हटा लें। ये प्रदर्शनकारी इस बंदरगाह के निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
न्यायमूर्ति अनु शिवरमण ने प्रदर्शनकारियों को तंबू हटाने का निर्देश अडानी समूह की याचिका पर दिया।
इस बीच, राज्य सरकार ने अदालत से कहा कि वह पहले ही प्रदर्शनकारियों को तंबू और बंदरगाह के प्रवेश द्वारा पर अवरोधक हटाने के लिए नोटिस दे चुकी है।
अदालत ने 30 सितंबर को सरकार को निर्देश दिया था कि वह प्रवेश द्वार पर से अवरोधक हटाए और पुलिस से कहा था कि वह सुनिश्चित करे कि बिना किसी बाधा के वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
अडानी पोर्टस ने अदालत में अवमानना याचिका दायर की है। कंपनी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने प्रवेश मार्ग पर तंबू लगाए हैं और इससे आने-जाने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
इससे पहले 29 अगस्त को अदालत ने कहा था कि विझिंजम बंदरगाह के निर्माण कार्य को रोका नहीं जा सकता है और परियोजना से जुड़ी शिकायतें उचित मंच पर उठाई जा सकती है। अदालत ने यह भी कहा था कि प्रदर्शनों की वजह से परियोजना पर चल रहा कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
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