देश की खबरें | प्रवासी भारतीयों को मताधिकार का प्रस्ताव सभी हितधारकों के साथ वार्ता पर आधारित, ईसी ने येचुरी से कहा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 दिसंबर निर्वाचन आयोग ने माकपा नेता सीताराम येचुरी को बताया है कि योग्य अनिवासी भारतीयों को डाकमत पत्र के जरिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति देने का प्रस्ताव राजनीतिक दलों समेत विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद एक समिति की सिफारिशों पर आधारित है।

आयोग ने कहा है कि अनिवासी भारतीय मतदाताओं के लिए डाक मत पत्र की अनुमति देने की सिफारिश उनको मतदान का अधिकार प्रदान करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

आयोग ने पिछले सप्ताह येचुरी को लिखे एक पत्र में इस बारे में बताया। येचुरी ने इस तरह का बदलाव करने के पहले सर्वदीय बैठक बुलाने की मांग की थी।

अपने पत्र में माकपा महासचिव येचुरी ने कहा कि यह कदम हैरान करने वाला है ।

उन्होंने कहा, ‘‘ईसीआई को एनआरआई की वोटिंग के मौजूदा प्रस्ताव जैसे बड़े बदलाव के पहले सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। आजादी के बाद से यह परंपरा निभायी गयी है ।’’

आयोग ने नवंबर में इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) सुविधा विस्तारित करने की पेशकश की थी ताकि योग्य अनिवासी भारतीय मतदात अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके।

माकपा नेता ने कहा कि पार्टी ने अलग-अलग देशों में भारतीय दूतावासों और अन्य स्थानों पर मतदान केंद्र बनाने का सुझाव दिया ताकि लोग वहां पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाएं।

चुनाव आयोग ने अनिवासी भारतीय (एनआरआई) को मताधिकार की अनुमति देने के लिए 2014 में पहली बार प्रस्ताव रखा था।

सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि ईसी के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद ही किया जाएगा।

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