अटॉर्नी डेविड शेरबोर्न ने कहा कि ‘मिरर ग्रुप न्यूजपेपर्स’ हैरी के सभी कानूनी खर्चों और हर्जाने का भुगतान करने पर सहमत हो गया है और 14 दिनों के भीतर 4,00,000 पाउंड का अंतरिम भुगतान करेगा।
इससे पहले हैरी को दिसंबर में हर्जाने के तौर पर 1,40,000 पाउंड दिए गए थे।
इस मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि 1990 के दशक के अंत में ‘मिरर ग्रुप न्यूजपेपर्स’ की ओर से फोन हैकिंग ‘‘व्यापक और नियमित तौर पर’’ की जाती थी। यह सिलसिला एक दशक से अधिक समय तक चला और समाचारपत्रों में इन जानकारियों का इस्तेमाल किया गया।
न्यायाधीश टिमोथी फैनकोर्ट ने पाया कि हैरी का फोन भी हैक किया गया था।
दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद समाचारपत्र में प्रकाशित 115 अन्य लेखों पर नयी सुनवाई अब नहीं होगी,जिनके संबंध में हैरी का कहना है कि ये लेख भी हैकिंग से जुड़ी जानकारियों पर आधारित थे।
मिरर ग्रुप ने एक बयान में कहा,‘‘ इस समझौते पर हमें प्रसन्नता है। इससे हमारे कारोबार को उन घटनाओं से आगे बढ़ने में स्पष्टता मिलेगी जो कई वर्ष पहले हुईं और जिनके लिए हम क्षमा मांग चुके हैं।’’
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