देश की खबरें | प्रधानमंत्री ने की लोगों से योग दिवस घर पर मनाने की अपील
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नयी दिल्ली, 18 जून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले बृहस्पतिवार को कहा कि योग कोविड-19 महामारी द्वारा उत्पन्न कई चुनौतियों का बहुआयामी समाधान मुहैया कराता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर इस बार यह दिवस अपने घरों में ही मनाएं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि घातक वायरस ने गतिशीलता को कम कर दिया है, लेकिन इससे उत्साह को प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जा रहा है।

मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा, "ये समय दूरी बनाए रखने का है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग दूरी को खत्म करता है? योग चीजों को जोड़ता या एकसाथ लाता है।"

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उन्होंने कहा कि योग मन और शरीर के बीच की दूरी को समाप्त करता है, जो कई समस्याओं की जड़ है।

मोदी ने कहा कि जीवन में जो हमारे पास है और हम जो जीवन चाहते हैं, उसके बीच की दूरी भी योग से समाप्त होती है। उन्होंने कहा कि योग उम्मीदों और वास्तविकता के बीच की दूरी को भी समाप्त करता है।

उन्होंने कहा, "योग के नियमित अभ्यास से भावनात्मक शक्ति और सहानुभूति मिलती है। हम यह समझने लगते हैं कि अन्य लोग भी हमारे जैसे ही संघर्ष से गुजर रहे होंगे, इसलिए हम जरूरत में किसी के लिए कंधा बन जाते हैं।’’

इस वर्ष का विषय 'घर पर योग' और 'परिवार के साथ योग' होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसे घर के अंदर ही मनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि योग दिवस बड़े पैमाने पर लोगों के एकत्र होने का अवसर है लेकिन इस साल विशेष स्थिति होने के कारण लोगों को अपने घरों में ही यह दिवस मनाना चाहिए।

इस बीच आयुष मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री का

21 जून को सुबह 6.30 बजे टेलीविजन पर प्रसारित किया जाएगा। इस साल योग दिवस विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मंचों के माध्यम से मनाया जाएगा।

बयान के अनुसार प्रधानमंत्री के संदेश के बाद मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के एक दल के द्वारा 45 मिनट के ‘कॉमन योग प्रोटोकॉल’ (सीवाईपी) का सीधा प्रदर्शन किया जाएगा।

मंत्रालय ने कहा कि सीवाईपी के अभ्यास को विभिन्न आयु वर्ग के लोगों और जीवन के विविध क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

उसने कहा कि महामारी के हालात में योग विशेष रूप से औचित्यपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इसके अभ्यास से शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य बेहतर होते हैं तथा लोगों की बीमारी से लड़ने की क्षमता में भी सुधार होता है।

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