चंडीगढ़, 20 अप्रैल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर बृहस्पतिवार को निशाना साधा और गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी को रूपनगर जेल में ‘‘सुविधाएं’’ मुहैया कराने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले में वकीलों का 55 लाख रुपये का शुल्क तत्कालीन मंत्रियों से हासिल करने के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं।
मोहाली में रंगदारी के एक मामले में अंसारी को जनवरी 2019 से अप्रैल 2021 तक रूपनगर जेल में रखा गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसकी हिरासत के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।
शीर्ष अदालत ने उप्र पुलिस को उसकी हिरासत सौंपते हुए कहा था कि चिकित्सा संबंधी मुद्दों की आड़ में छोटे-मोटे आधार पर हिरासत से इनकार किया जा रहा था।
अंसारी को इस मामले में पंजाब की जेल में रखा गया था और बाद में उत्तर प्रदेश में बांदा की जेल भेज दिया गया।
मान ने जालंधर में एक रैली में कहा, ‘‘हम कानूनी विशेषज्ञों से पूछ रहे हैं कि यह पैसा किससे वसूला जाना है। हम सरकारी खजाने से नहीं देंगे।’’
मान ने बृहस्पतिवार को अंसारी का नाम लिए बिना ट्वीट किया, ‘‘ उत्तर प्रदेश के एक अपराधी को रोपड़ (रूपनगर) कारागार में तमाम सुविधाओं के साथ रखा गया... 48 बार वारंट जारी होने के बाद भी उसे पेश नहीं किया गया... 55 लाख रुपये के शुल्क के साथ महंगे वकील उसके लिए रखे गए। मैंने इस संबंध में आई फाइल लौटा दी है। इस संबंध में आदेश पारित करने वाले तत्कालीन मंत्रियों से यह राशि वसूलने पर विचार कर रहा हूं।’’
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