आइजोल, 20 फरवरी केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र की पिछली सरकारों ने पूर्वोत्तर की उपेक्षा की है जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार विकास के मामले में इस क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
मिजोरम की दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचीं करंदलाजे ने कहा कि केंद्र की पिछली सरकारों के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों को धन आवंटन बहुत कम था।
केंद्रीय मंत्री ने यहां प्रेसवार्ता में दावा किया, ‘‘अतीत में पूर्वोत्तर आर्थिक रूप से कमजोर था, क्योंकि पिछली केंद्र सरकारों ने इस क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया। इस क्षेत्र को बहुत कम धनराशि आवंटित की गई।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के 10 वर्षों (2004 से 2014) के कार्यकाल में मिजोरम को कर में हिस्सेदारी केवल 4,734 करोड़ रुपये मिली, जो मोदी सरकार के 10 वर्षों के दौरान दिए गए कर हस्तांतरण की तुलना में बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि 2014-2024 तक के 10 वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने मिजोरम को करों में 33,178 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी दी है, जो संप्रग शासन के दौरान कर हिस्सेदारी से 600 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि इस पहाड़ी राज्य के लिए राजग शासन के 10 वर्षों के दौरान अनुदान सहायता भी 94 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि संप्रग सरकार के 10 वर्षों के दौरान उसे 21,359 करोड़ रुपये दिए गए थे।
करंदलाजे ने कहा कि नए वित्त वर्ष 2025-2026 के दौरान मिजोरम को केंद्रीय बजट में आवंटित 7,112.23 करोड़ रुपये की कर हिस्सेदारी राशि और 3,853 करोड़ रुपये अनुदान सहायता के रूप में प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि राजग सरकार पूर्वोत्तर को प्राथमिकता देती है और इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि मिजोरम जल्द ही ब्रॉड गेज रेलवे से जुड़ जाएगा और केंद्र राज्य के एकमात्र लेंगपुई हवाई अड्डे को कार्गो उड़ानों के लिए उन्नत करने के लिए कदम उठा रहा है।
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