नयी दिल्ली, 31 अगस्त राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के अध्यक्ष का पद पिछले छह महीने से खाली है।
आयोग के अध्यक्ष के रूप में नंद कुमार साई ने 27 फरवरी को कार्यकाल पूरा किया था जिसके बाद से सरकार ने इस पद को नहीं भरा है।
आयोग के उपाध्यक्ष और तीन सदस्यों के पद भी खाली पड़े हैं।
अधिकारियों के अनुसार आदिवासी समुदाय के लोगों को अधिकारों से वंचित करने संबंधी शिकायतों की जांच करने वाली संवैधानिक संस्था के अध्यक्ष का कार्यकाल छह महीने पहले रिक्त हो गया था और नयी नियुक्तियों में देरी की वजह कोविड-19 महामारी हो सकती है।
राष्ट्रपति तीन साल के लिए आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करते हैं।
इसके अध्यक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का होता है, वहीं उपाध्यक्ष का दर्जा राज्यमंत्री का होता है। आयोग के सदस्यों का दर्जा भारत सरकार के सचिव का होता है।
आयोग के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं होने के अनुरोध पर बताया, ‘‘आयोग अस्तित्व में नहीं है। मार्च महीने में आयोग की आखिरी सदस्य ने कार्यकाल पूरा किया था। अध्यक्ष का पद छह महीने से खाली है। कोई बैठक नहीं हो रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नयी नियुक्तियों में देरी की वजह महामारी हो सकती है। हमें सामान्य कामकाज बहाल होने के साथ पदों को भरे जाने की उम्मीद है।’’
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