देश की खबरें | बृहद हैदराबाद नगर निगम चुनाव के लिए मंगलवार को होने वाले मतदान की तैयारियां पूरी
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हैदराबाद, 30 नवंबर हैदराबाद नगर निकाय के लिए मंगलवार के होने वाले मतदान के लिए मंच सज चुका है। इस चुनाव में विधानसभा और संसदीय चुनाव की तरह प्रचार हुआ और कई राष्ट्रीय स्तर के नेता मैदान में उतरे।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बृहद हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के 150 वार्डों के चुनाव के लिए 74,44,260 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम छह बजे तक चलेगा। इस चुनाव में 150 सीटों पर 1,122 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतों की गिनती चार दिसंबर को होगी।
तेलंगाना राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने चुनाव प्रक्रिया के लिए बृहद पैमाने पर तैयारी की है, जिसमें 48,000 चुनाव कर्मियों और 52,500 पुलिस कर्मियों की तैनाती शामिल है।
आयोग ने बताया था कि प्रमुख राजनीतिक पार्टियों, कोविड-19 के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की राय और अन्य प्रासंगिक मुद्दों पर गौर करने के बाद उसने मतपत्र से चुनाव कराने का फैसला किया है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सी पार्थसार्थी ने लोगों से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है।
इस चुनाव के लिए बड़े पैमाने पर चुनाव प्रचार किया गया। राज्य विधानसभा की दुबक सीट पर हाल में हुए उपचुनाव में जीत के बाद भाजपा ने जीएचएमसी चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
भाजपा की चुनाव प्रचार की रणनीति पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव ने बनाई, जो बिहार विधानसभा चुनाव के भी पार्टी प्रभारी थे।
भाजपा के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, स्मृति ईरानी और गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी, जो सिकंदराबाद से सांसद हैं, भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने प्रचार किया।
भजापा ने प्रचार के दौरान राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस और एआईएमआईएम के कथित गठबंधन को रेखांकित किया और मतदाताओं से पारदर्शी शासन के लिए उसके पक्ष में मत देने की अपील की।
टीआरएस की ओर से प्रचार की कमान नगर प्रशासन मंत्री केटी रामाराव ने संभाली जबकि राज्य के मुख्यमंत्री एवं पार्टी सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव ने भी जनसभाओं को संबोधित किया। टीआरएस ने राज्य के कई मंत्रियों और विधायकों को भी मैदान में उतारा।
कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी और कार्यकारी अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार किया।
एक समय राज्य की राजनीति में शक्तिशाली रही तेलुगु देशम पार्टी भी एक बार फिर खोई जमीन वापस लेने की कोशिश के तहत मैदान में उतरी है और अविभाजित आंध्रप्रदेश में एन चंद्रबाबू नायडू के मुख्यमंत्री रहते शहर के विकास के लिए किए गए कार्यो का हवाला दिया।
भाजपा के तेलंगाना अध्यक्ष उस वक्त विवाद में फंस गए जब उन्होंने कहा कि मेयर का पद जीतने के बाद उनकी पार्टी पुराने शहर पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करेगी और रोहिंग्याओं और पाकिस्तानियों को भगाएगी।
एमआईएमआईएम के अकबरुद्दीन ओवैसी ने प्रचार के दौरान यह कहकर विरोधियों के निशाने पर आ गए कि अगर उनकी पार्टी जीती तो हुसैन सागर झील के किनारे बनी पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव और तेलुगु देशम पार्टी संस्थापक एनटी रामाराव की समाधियों को हटा दिया जाएगा क्योंकि झील किनारे बसे गरीबों को हटाया जा रहा है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 30, 2020 02:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

