रूस के सरकारी मीडिया से बातचीत में रयाबकोव ने कहा कि पुतिन-ट्रंप की संभावित बैठक में केवल यूक्रेन युद्ध ही नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर व्यापक बातचीत हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्न हमारे देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ने, यूक्रेन समेत सबसे गंभीर और संभावित रूप से बहुत खतरनाक स्थितियों को हल करने के तरीके खोजने के बारे में है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की बैठक आयोजित करने के प्रयास अभी शुरुआती चरण में हैं और इसे संभव बनाने के लिए गहन तैयारी की आवश्यकता होगी।
रयाबकोव ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के बीच आगे की बातचीत का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अमेरिकी और रूसी राजदूत ‘‘अगले दो सप्ताह के भीतर’’ बैठक कर सकते हैं।
रूस और अमेरिका के शीर्ष राजनयिकों ने मंगलवार को सऊदी अरब में मुलाकात के दौरान संबंधों को सुधारने तथा यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू करने पर चर्चा की। बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
रुबियो ने बैठक के बाद कहा था कि दोनों पक्ष मोटे तौर पर तीन लक्ष्यों को प्राप्त करने पर सहमत हुए हैं। इनमें वाशिंगटन और मॉस्को में अपने-अपने दूतावासों में कर्मचारियों की बहाली, यूक्रेन शांति वार्ता का समर्थन करने के लिए एक उच्च स्तरीय टीम का गठन, तथा घनिष्ठ संबंधों और आर्थिक सहयोग की संभावनाएं तलाशना शामिल हैं।
इस बैठक में यूक्रेन का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि चूंकि यूक्रेन इस वार्ता में शामिल नहीं था, इसलिए उनका देश किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं करेगा। यूरोप के देशों ने भी चिंता जताई है कि उन्हें दरकिनार किया जा रहा है।
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