देश की खबरें | महिला के चरित्र के बारे में पूर्वधारणा उसके कपड़ों, यौन इतिहास से बनाई जाती है: न्यायालय की पुस्तिका

नयी दिल्ली, 16 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि एक महिला के चरित्र के बारे में उसके कपड़ों और यौन इतिहास के आधार पर अक्सर पूर्वधारणा बनाई जाती है। साथ ही न्यायालय ने यौन संबंध एवं यौन हिंसा से जुड़ी रूढ़ियों और हकीकत के बीच भेद किया।

शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को जारी अपनी एक पुस्तिका में सारिणीबद्ध तरीके से कई विवरण मुहैया किये हैं। इसमें लैंगिक रूप से अनुचित शब्दों व मुहावरों की एक सूची है तथा न्याययिक विमर्श में उपयोग किये जाने तथा निर्णय लेने के लिए वैकल्पिक शब्द सुझाये गए हैं।

एक व्याख्यात्मक सूची में, न्यायालय ने यौन सबंध और यौन हिंसा के संदर्भ में पुरुषों और महिलाओं पर अक्सर लागू की जाने वाली रूढ़ियों का विवरण दिया है तथा व्याख्या की है कि क्यों इस तरह की पूर्वधारणा गलत है।

न्यायालय ने कहा, ‘‘एक महिला के बारे में पूर्वधारणा अक्सर उसके खुद को व्यक्त करने (जैसे कि उसके वस्त्रों के चयन) और यौन इतिहास के आधार पर बनाई जाती है। ये पूर्वधारणाएं इसे भी प्रभावित कर सकती हैं कि उसके कार्यों और बयान को न्यायिक कार्यवाही में कैसे आंका जाता है। एक महिला के चरित्र या उसके द्वारा पहने गये वस्त्रों पर आधारित पूर्वधारणा यौन संबंधों में सहमति के महत्व को घटाती है...।’’

पुस्तिका में कहा गया है कि यह एक रूढ़ि है कि पारंपरिक नहीं माने जाने वाले परिधान पहनी महिला, पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाना चाहती है और यदि एक पुरुष इस तरह की एक महिला को उसकी सहमति के बगैर स्पर्श करता है, तो यह उसी की (महिला की) गलती है।

इसमें कहा गया है, ‘‘हकीकत यह है कि एक महिला के वस्त्र या परिधान ना तो यह संकेत देते हैं कि वह यौन संबंध बनाना चाहती है, ना ही यह कि उसके छूने के लिए यह एक आमंत्रण है। महिलाएं दूसरों से मौखिक संवाद करने में सक्षम हैं और वस्त्रों की उनकी पसंद खुद को व्यक्त करने का प्रतिनिधित्व करता है...।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘एक पुरुष जो एक महिला को उसकी सहमति के बगैर स्पर्श करता है, उसे (पुरुष को) इस बात की आड़ नहीं लेने देना चाहिए कि महिला ने एक खास तरह से कपड़े पहनकर खुद को छूने को आमंत्रित किया।’’

रूढ़ीवाद की एक अन्य व्याख्या में, पुस्तिका में कहा गया है कि जो महिलाएं शराब का सेवन करती हैं या सिगरेट पीती हैं वे पुरुषों के साथ संबंध बनाना चाहती हैं और, यदि एक पुरुष इस तरह की एक महिला को उसकी सहमति के बगैर छूता है तो यह उसी की (महिला की) गलती है।

पुस्तिका में कहा गया है, ‘‘हकीकत यह है कि अन्य सभी लोगों की तरह महिलाएं भी मन बहलाने सहित विभिन्न कारणों से शराब का सेवन कर सकती हैं या सिगरेट पी सकती हैं। शराब या तंबाकू का सेवन पुरुष के साथ यौन संबंध बनाने की उनकी इच्छा का संकेत नहीं है।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘एक महिला को उसकी सहमति के बगैर छूने वाले पुरुष को इस बात की आड़ नहीं लेने देना चाहिए कि महिला ने उसे शराब पीकर या धूम्रपान कर स्पर्श करने का आमंत्रण दिया।’’

इसने इस पूर्वधारणा को रूढ़ी बताया है कि महिला का यौन उत्पीड़न या बलात्कार करने वाले पुरुष अजनबी होते हैं और महिलाओं के परिचित नहीं होते हैं।

पुस्तिका में कहा गया है, ‘‘हकीकत यह है कि अक्सर ही पुरुष परिचित महिला का यौन उत्पीड़न या बलात्कार करते हैं। वह महिला या तो एक सहकर्मी, नियोक्ता, कर्मचारी, पड़ोसी, परिवार के सदस्य, मित्र पूर्व या मौजूदा ‘पार्टनर’, शिक्षिका, या जान-पहचान की हो सकती है।’’

इसमें कहा गया है कि यह मानना रूढ़ीवाद है कि पुरुषों द्वारा यौन उत्पीड़न की गई या बलात्कार का शिकार बनाई गई महिला निरंतर रोती रहती है, अवसाद ग्रस्त हो जाती है या उसमें आत्महत्या की प्रवृत्ति उत्पन्न हो जाती है, और यदि एक महिला का व्यवहार ऐसा नहीं हो पाता है तो वह बलात्कार किये जाते रहने के लिए खुद को छोड़ देती है।

इसमें कहा गया है कि हकीकत यह है कि विभिन्न लोग सदमे वाली स्थतियों में अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया करते हैं।

पुस्तिका में एक व्याख्या में कहा गया है, ‘‘उदाहरण के तौर पर, अपने माता या पिता की मौत होने पर एक व्यक्ति सार्वजनिक रूप से फूट-फूट कर रो सकता है, जबकि इसी तरह की स्थिति में एक व्यक्ति सार्वजनिक रूप से कोई भावना व्यक्त ही ना करे। इसी तरह, यौन उत्पीड़न या बलात्कार होने पर एक महिला की प्रतिक्रिया उसकी व्यक्तिगत विशेषताओं के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। ऐसा कोई ‘सही’ या ‘उपयुक्त’ तरीका नहीं है जिसमें एक पीड़िता व्यवहार करे।’’

पुस्तिका में यौन संबंध और यौन हिंसा के संदर्भ में महिलाओं के खिलाफ रूढ़ियों के कई अन्य उदाहरण भी दिये गए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)