नयी दिल्ली, 10 जून पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बुधवार को असम के एक तेल क्षेत्र में लगी आग पर काबू पाने के लिये चल रहे प्रयासों की समीक्षा की। आयल इंडिया के एक तेल कुऐं में लगी इस भयंकर आग को बुझाने में कंपनी के दो कर्मचारियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी आयल इंडिया लिमिटेड (आयल) के असम के तिनसुखिया जिले स्थित बागजन तेल क्षेत्र में 27 मई को अनियंत्रित गैस उत्सर्जन हुआ। कुऐं ने 9 जून को आग पकडं ली। इसके बाद कंपनी ने सिंगापुर स्थित कंपनी अलर्ट डिसास्टर कंट्रोल के विशेषज्ञों को फैलती आग को नियंत्रित करने के लिये बुलाया।
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आग लगने के कारणों का हालांकि, अब तक पता नहीं लग पाया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रधान ने मंगलवार को वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री, आयल इंडिया, ओएनजीसी और अंतराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।
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असम के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों के जीवन और संपत्ति को नुकसान की आशंकाओं को दूर करने पर जोर दिया। हालांकि इसमें कहा गया कि प्रभावित परिवारों को पूरी राहत और मुआवजा दिया जायेगा। राज्य सरकार के साथ इस बारे में जो भी अंतिम निर्णय होगा उसके मुताबिक कदम उठाये जायेंगे।’’
पेट्रोलियम मंत्रालय और आयल इंडिया के अधिकारियों के साथ मौके पर उपस्थित संकट प्रबंधन टीम के सदस्यों के साथ प्रधान ने बुधवार को फिर से वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक की।
गैस क्षेत्र में लगी आग ने 200 मीटर के दायरे में पूरे क्षेत्र को जला दिया है। इसमें 15 घर पूरी तरह जल गये हैं जबकि अन्य 10 से 15 घरों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है।
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