विदेश की खबरें | पोप फ्रांसिस सांस संबंधी समस्या के बाद रात में आराम से सोए, उन्हें ऑक्सीजन दी जा रही
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वेटिकन के प्रवक्ता माटेओ ब्रूनी की ओर रविवार तड़के जारी एक लाइन के बयान में यह उल्लेख नहीं किया गया है कि फ्रांसिस बिस्तर से उठे या सुबह का नाश्ता किया या नहीं। लेकिन इसमें कहा गया है कि रात शांति से गुजरी और पोप आराम से सोए।

वेटिकन ने बाद में कहा कि फ्रांसिस होश में हैं, उन्हें अतिरक्त ऑक्सीजन दी जा रही है और आगे के नैदानिक ​​परीक्षण किए जा रहे हैं। रविवार को बाद में उनके स्वास्थ्य से संबंधित अधिक विस्तृत और अद्यतन जानकारी मिलने की उम्मीद है।

इसके पहले शनिवार को चिकित्सकों ने कहा था कि 88 वर्षीय फ्रांसिस की हालत गंभीर है। युवावस्था में पोप के फेफड़े का एक हिस्सा निकाल दिया गया था। चिकित्सकों ने कहा कि निमोनिया और फेफड़ों के जटिल संक्रमण के इलाज के दौरान फ्रांसिस दमा संबंधी श्वसन संकट से जूझ रहे थे।

वेटिकन की ओर से दी गई अद्यतन जानकारी में कहा गया कि पोप को नाक की नली से सांस लेने में मदद करने के लिए अतिरिक्त ऑक्सीजन की ‘उच्च मात्रा’ दी गई। इसमें कहा गया कि परीक्षणों में प्लेटलेट्स की कम संख्या पाए जाने के बाद उन्हें रक्त चढ़ाया गया जो थक्का जमाने के लिए आवश्यक था।

इससे पहले शनिवार को जारी बयान में कहा गया था, ‘‘पोप अब भी सक्रिय हैं और उन्होंने पूरा दिन आरामकुर्सी पर बिताया, हालांकि कल की तुलना में उन्हें अधिक दर्द था।’’

चिकित्सकों ने कहा कि पोप फ्रांसिस की हालत उनकी उम्र, कमजोरी और फेफड़ों की पुरानी बीमारी के लिहाज से बहुत गंभीर है। पोप के सामने सबसे बडा खतरा ‘रक्त संक्रमण’ का है।

चिकित्सकों ने आगाह करते हुए कहा कि फ्रांसिस के लिए मुख्य खतरा ‘सेप्सिस’ का होना है, जो रक्त का एक गंभीर संक्रमण है। यह निमोनिया से जुड़ी जटिलता के कारण उत्पन्न हो सकता है।

पोप फ्रांसिस को ‘ब्रोंकाइटिस’ की बीमारी के कारण 14 फरवरी को जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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