पोप फ्रांसिस (84) रविवार को यूनान के लेसबोस द्वीप पहुंचे जहां वह करीब दो घंटे तक रुकेंगे। इस दौरान पोप प्रवासियों और शरणार्थियों के एक केंद्र का दौरा करेंगे।
लेसबोस द्वीप प्रवासियों और शरणार्थियों का गढ़ माना जाता है, यहां से लोग विभिन्न यूरोपीय देशों में दाखिल होने की कोशिश करते हैं। वर्ष 2016 में अपनी यात्रा के दौरान पोप 12 सीरियाई मुस्लिम शरणार्थियों को अपने साथ लाए थे।
पोप इस समय साइप्रस और यूनान की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। इन दोनों ही देशों में शरणार्थी संकट काफी गहरा गया है।
गौरतलब है कि इराक और सीरिया में गृह युद्ध जैसे हालात के कारण 2015 तथा 2016 के दौरान 10 लाख से अधिक लोगों ने तुर्की से होते हुए यूनान में प्रवेश किया था।
एपी
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