चंडीगढ़/राजौरी/भुवनेश्वर, 21 अप्रैल जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में एक आतंकवादी हमले में शहीद हुए जवानों के शोक-संतप्त परिवारों ने अपने बहादुर सपूतों की अंतिम यात्रा के लिए आज भारी मन से तैयारी की।
पंजाब और ओडिशा में जवानों के गांवों में सैकड़ों ग्रामीण उनके घरों में जमा हुए और उनकी शहादत का उल्लेख करते हुए उनकी वीरता की प्रशंसा की।
हवलदार मंदीप सिंह, लांस नायक कुलवंत सिंह, सिपाही हरकिशन सिंह और सिपाही सेवक सिंह (सभी पंजाब से) और लांस नायक देबाशीष बिस्वाल (ओडिशा) बृहस्पतिवार को अज्ञात आतंकवादियों के हमले में मारे गये। वे जिस वाहन में जा रहे थे, हमले के बाद उसमें आग लग गयी।
राष्ट्रीय राइफल्स की एक इकाई के ये जवान आतंकवाद निरोधक अभियान में तैनात थे।
सेना ने आज जम्मू कश्मीर के राजौरी में एक सैन्य शिविर में जवानों की पार्थिव देह पर पुष्पमाला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अधिकारियों के अनुसार पंजाब के चार शहीद जवानों की पार्थिव देह सड़क मार्ग से उनके गांव ले जाई जाएंगी, वहीं बिस्वाल की पार्थिव देह को हवाई मार्ग से ले जाया जाएगा।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘देश हमारे बहादुर के सर्वोच्च बलिदान के लिए सदैव ऋणी रहेगा।’’
पंजाब के मोगा जिले के चारिक गांव निवासी कुलवंत सिंह के भाई ने कहा कि सरकार और सेना को हमले का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।
बठिंडा के बाघा गांव में सेवक सिंह की बड़ी बहन की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
बटला के तलवंडी गांव में हरकिशन सिंह के घर पर जमा ग्रामीणों ने मातृभूमि के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान की प्रशंसा की।
मंदीप सिंह लुधियाना जिले के रहने वाले थे।
कुछ ऐसा ही नजारा ओडिशा के पुरी जिले में अलागुम पंचायत में देबाशीष बिस्वाल के घर पर था।
बिस्वाल के रिश्ते के भाई ललित किशोर नायक ने कहा, ‘‘हमें इस बात का दुख है और साथ ही गर्व भी है कि हमारी माटी का एक लाल शहीद हो गया। वह बहुत अच्छा व्यक्ति था और घर आने पर गांव के सभी कार्यक्रमों में हिस्सा लेता था।’’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जवानों की शहादत पर दुख जताया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
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