भोपाल, 19 सितंबर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार का विरोध करने वालों की पूरी राजनीति ही किसानों को भ्रम में डालकर उन्हें भड़काने पर आधारित है।
चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र सुधार विधेयक किसानों को स्वतंत्रता देंगे और उन्हें आत्मनिर्भर बनायेंगे।
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मुख्यमंत्री ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘आज जो लोग ‘किसान हितैषी’ की आड़ में किसानों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं उनकी पूरी राजनीति ही भ्रम से भड़काने पर आधारित है। देश के विभिन्न वर्गों को वो सिर्फ ‘वोट बैंक’ की तरह देखते हैं, जन सरोकार से उनका कोई नाता नहीं और किसानों का उत्थान उनकी प्राथमिकता नहीं है।’’
चौहान ने कहा, ‘‘ कृषि सुधार विधेयक’ किसान को अपनी फसल का दाम खुद तय करने की स्वतंत्रता देता है, ‘एक राष्ट्र, एक बाज़ार’ राज्यों और सीमाओं के बंधन को तोड़ता है, मंडी टैक्स से सुरक्षा देता है और हर परिस्थिति में ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ का कवच भी देता है। यह एक क्रांतिकारी बिल है।’’
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उन्होंने लिखा, ‘‘ आज देश का किसान ‘नियंत्रण मुक्त’ होना चाहता है, ऋण माफी के झूठ को पहचानने के बाद ‘आत्मनिर्भर’ बनना चाहता है, किसान जानता है कि किसने उसका ‘सम्मान’ किया और किसने सिर्फ ‘राजनीतिक इस्तमाल’। मेरे मध्यप्रदेश के किसानो, हमें किसी भ्रम में नहीं पड़ना है, मोदी जी के साथ आगे बढ़ना है।’’
ग़ौरतलब है कि 17 सितंबर को लोकसभा ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी है।
दिमो
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