जरुरी जानकारी | नीति निर्माता नवोन्मेष से होने वाले बदलावों का पूर्वानुमान लगायें, सकारात्मक तरीके से निबटें: ट्राई

नयी दिल्ली, 10 दिसंबर दूरसंचार नियामक ट्राई के अध्यक्ष पी डी वाघेला ने शुक्रवार को कहा कि दस साल से भी कम समय में मोबाइल संचार की नई पीढ़ी सामने आएगी। उन्होंने कहा कि इसको देखते हुए नियामकों और नीति निर्माताओं को प्रौद्योगिकी संबंधी परिवर्तनों पर गहराई से नजर रखनी चाहिए, नवोन्मेष आधारित बदलावों का पूर्वानुमान लगाना चाहिए और इनसे प्रभावी एवं सकारात्मक ढंग से निबटना चाहिए।

वाघेला ने कहा कि नियामकों को सुविधाजनक, लचीला, अनुकूल और सरल नियमों वाला परिवेश बनाना चाहिए।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2021 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के प्रमुख ने कहा, ‘‘हम ऐसे दौर में हैं जहां अगले दस साल से भी कम समय में मोबाइल संचार की नई पीढ़ी देखेंगे। मिसाल के तौर पर, 5जी तकनीक अभी तक पूरी तरह से लागू भी नहीं हो पाई है कि 6जी प्रौद्योगिकी की चर्चा शुरू हो गई।’’

उन्होंने कहा कि इसको देखते हुए नियामकों और नीति निर्माताओं को प्रौद्योगिकी संबंधी परिवर्तनों पर गहराई से नजर रखनी चाहिए, नवोन्मेष आधारित बदलावों का पूर्वानुमान लगाना चाहिए और इनसे प्रभावी एवं सकारात्मक ढंग से निबटना चाहिए।

वाघेला ने कहा कि डेटा (इंटरनेट) अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नियामक रूपरेखा पर परामर्श-पत्र लाया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए यह बेहद आवश्यक है कि वह डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। यह परामर्श-पत्र डेटा केंद्रों की स्थापना, सामग्री वितरण नेटवर्क और परस्पर आदान-प्रदान समेत अन्य पहलुओं से संबंधित होगा।’’

वाघेला ने कहा कि इस पत्र के जरिए ट्राई यह पता करने का प्रयास करेगा कि अड़चनों को दूर करके भारत डेटा अर्थव्यवस्था में किसी तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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