बेंगलुरु, पांच अप्रैल कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ता की कथित आत्महत्या के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में दो कांग्रेस विधायकों का नाम शामिल करने की मांग के बीच शनिवार को कहा कि कानून सबके लिए समान है और पुलिस कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी। कोडागु में भाजपा पदाधिकारी विनय सोमैया (40) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी।
सोमैया ने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर कथित सुसाइड नोट पोस्ट किया था।
मृतक के बड़े भाई जीवन केएस द्वारा कथित सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज कराई गई शिकायत के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता थेनीरा महेना और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 3(5) (सामान्य इरादा), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) का मामला दर्ज किया गया।
हालांकि, प्राथमिकी में विराजपेट से विधायक एएस पोन्नन्ना और मडिकेरी से विधायक मंतर गौड़ा और हरीश पूवैया नाम के व्यक्ति का उल्लेख नहीं है जबकि पुलिस को सौंपी गई हस्तलिखित शिकायत में तीनों के नाम का उल्लेख किया गया था।
परमेश्वर ने प्राथमिकी में विधायकों के नाम नहीं होने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “कानून सबके लिए समान है, फिर चाहे वह पोन्नन्ना हो या मंतर। पुलिस कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी। मामला फरवरी का है और उसने (विनय सोमैया) अब आत्महत्या कर ली है। पुलिस विभाग जांच कर रहा है।”
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि सोमैया ने व्हाट्सएप पर एक विस्तृत नोट साझा किया और पुलिस हर चीज का विश्लेषण कर कार्रवाई करेगी।
गृह मंत्री ने कहा, “शिकायत किसने दी, इसकी विषय-वस्तु क्या है, कोई चूक हुई है, इन सभी की जांच या पूछताछ की जानी चाहिए। पुलिस इसकी जांच कर रही है।”
गृह मंत्री ने यह पूछे जाने पर कि क्या मामला सीआईडी को सौंपा जा सकता है, पर कहा, “अगर आवश्यक हुआ तो ऐसा किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल हमें इसकी जरूरत नहीं दिखती।”
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