कटक, 16 सितंबर ओडिशा उच्च न्यायालय ने दुर्गा पूजा पंडालों में मूर्ति की ऊंचाई के संबंध में सरकारी दिशा-निर्देशों में दखल देने से इनकार करते हुए इस मामले पर अंतिम निर्णय पुलिस पर छोड़ दिया।
राज्य सरकार ने मूर्ति की उंचाई चार फुट तय की है, जिसके खिलाफ कटक की कम से कम 25 पूजा समितियों ने अदालत का रुख किया।
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अदालत ने कटक की सभी पूजा समितियों को मूर्तियों के निर्माण की मौजूदा स्थिति और उनकी ऊंचाई के बारे में पुलिस को लिखित जानकारी देने का निर्देश दिया है।
एक पूजा समिति के वकील अशोक मोहपात्रा ने कहा कि इसके बाद पुलिस पूजा पंडालों का निरीक्षण करके स्थिति की समीक्षा करेगी और अगर सब कुछ सही रहता है तो समिति को दुर्गा पूजा की अनुमति देगी।
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गौरतलब है कि सामुदायिक पूजा पंडालों में आमतौर पर सात फुट से अधिक ऊंची मूर्ति की पूजा की जाती है।
कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सरकार ने मूर्ति की ऊंचाई तय करने का फैसला किया था, जिसके खिलाफ जनाक्रोश फैल गया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ पूजा समितियों ने अदालत का रुख किया।
पूजा समितियों ने अदालत को बताया कि सरकारी आदेश से काफी पहले ही मूर्तियों के निर्माण का काम शुरू हो गया था।
उन्होंने कहा था कि देवी-देवताओं की सोने और चांदी की कई मूर्तियां पहले ही बनाई जा चुकी हैं और अब इनकी ऊंचाई कम करने पर ये किसी काम की नहीं रहेंगी।
पूजा समितियां और पुलिस मंगलवार को इस मामले पर किसी सहमति तक नहीं पहुंच पाए थे, जिसके बाद अदालत का यह आदेश आया है।
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