देश की खबरें | पुलिस ने मुझे प्रताड़ित किया, वैवाहिक विवाद का फायदा उठाकर फंसाया गया: कलाकार उपाध्याय

मुंबई, 15 जून अपनी परित्यक्त पत्नी हेमा और उनके वकील हरीश भंभानी की दिसंबर 2015 में हुई हत्या के आरोपी कलाकार चिंतन उपाध्याय ने दावा किया है कि मुंबई पुलिस इस मामले को सुलझाने में नाकाम रही थी और इसलिए उन्हें वैवाहिक विवाद का फायदा उठाकर झूठा फंसाया गया।

उन्होंने दिंडोशी सत्र अदालत में उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे के दौरान बयान देते हुए यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के बाद इकबालिया बयान लेने के लिए पुलिस ने उन्हें प्रताड़ित किया।

हेमा और भंबानी की 11 दिसंबर, 2015 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी विद्याधर राजभर फरार है जबकि चिंतन को साजिश रचने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। वह अब जमानत पर बाहर हैं।

पुलिस का दावा है वैवाहिक विवाद के कारण शुरु हुए मुकदमे को समाप्त करने के लिए चिंतन ने हेमा की हत्या कराने की साजिश रची।

मामले में गवाहों के बयान पूरे होने के बाद चिंतन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया। इस धारा के तहत, कोई अदालत मुकदमे के किसी भी चरण में आरोपी से सवाल कर सकती है ताकि आरोपी साक्ष्य में अपने खिलाफ किसी भी परिस्थिति को स्पष्ट कर सके।

चिंतन ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने हेमा से प्रेम विवाह किया था लेकिन बाद में "फिजूलखर्ची, विचारों के टकराव और भिन्न जीवन शैली" के कारण कलह शुरू हो गई।

चिंतन ने कहा कि बांद्रा परिवार अदालत ने 2014 में तलाक को मंजूरी दे दी थी और उन्होंने अदालत के आदेश के अनुसार हेमा को 16 लाख रुपये का भुगतान किया था और उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मासिक गुजारा भत्ता देने की प्रक्रिया में था।

उन्होंने कहा कि उसकी मौत से चार दिन पहले उन्होंने और दो लाख रुपये दिए थे।

चिंतन ने आरोप लगाया, ‘‘गिरफ्तारी के बाद, मुझे लाठियों, बेल्ट, घूसों से पीटा गया, मुझे घंटों तक यातना दी गई... मुझे अपराध कबूल करने के लिए मजबूर करने की खातिर भूखा रखा गया लगाया, लेकिन मैं नहीं झुका।’’

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