रायपुर, 23 फरवरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'प्रतिशोध, उत्पीड़न और धमकी' की राजनीति का नया उदाहरण बताया।
सलमान खान अभिनीत फिल्म 'टाइगर जिंदा है' की तर्ज पर उन्होंने खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने की भी सराहना की और कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट जिंदा है।’’
नवा रायपुर में होने वाले पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले बृहस्पतिवार को रमेश ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस की सफल भारत जोड़ो यात्रा से चिंतित थी और अब वह पार्टी के महाधिवेशन से डरी हुई है।
रमेश ने हाल ही में रायपुर में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी और आज खेड़ा को विमान से उतारने की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने महाधिवेशन को पटरी से उतारने की कोशिश की है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ''भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत के बाद से भाजपा चिंतित थी। हताशा के कारण भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी को निशाना बनाया और उनके खिलाफ टिप्पणी की। अब वह राष्ट्रीय अधिवेशन से घबराए हुए हैं और इसे पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।''
रमेश ने कहा, ''आज सुबह, मोदी सरकार की प्रतिशोध, उत्पीड़न और डराने-धमकाने की राजनीति का एक नया उदाहरण देखा गया जब हमारे मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा को विमान से उतारा गया था। उनके खिलाफ असम और उत्तर प्रदेश में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई है। जब भी उन्हें (भाजपा को) राजनीतिक विरोधियों को गिरफ्तार करने की आवश्यकता होती है, असम के मुख्यमंत्री (हिमंत विश्व शर्मा) सक्रिय हो जाते हैं।''
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने न्यायपालिका की सराहना की और कहा, ''न्यायपालिका ने खेड़ा को अंतरिम राहत दी है। यह दर्शाता है कि मोदी सरकार (न्यायपालिका को डराने-धमकाने) के सभी प्रयासों के बावजूद, न्यायपालिका अभी भी हमारे लोकतंत्र के लिए आशा की किरण की तरह काम कर रही है। 'टाइगर जिंदा है, सुप्रीम कोर्ट जिंदा है।''
केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ''पिछले कुछ महीनों से, प्रधानमंत्री मोदी और उनके कुछ मंत्री जी-20 बैठक के संदर्भ में विभिन्न शहरों का दौरा कर रहे हैं, जहां इस संदेश के साथ होर्डिंग लगाए गए हैं- 'मदर आफ डेमोक्रेसी', ये सिर्फ कहने के लिए हैं, लेकिन वह 'मर्डर आफ डेमोक्रेसी कर रहे हैं।''
रमेश ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि अभिव्यक्ति के बाद की स्वतंत्रता भी खतरे में है।
उन्होंने कहा 2014 से मोदी सरकार के निजीकरण के कदम से केवल अडाणी इंटरप्राइजेज को फायदा हुआ है। रमेश ने कहा, ''कांग्रेस उदारीकरण के पक्ष में है। निजी कंपनियों को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। लेकिन हम मित्रवाद और पूंजीवाद के खिलाफ हैं।''
कांग्रेस नेता ने कहा, ''हमने पिछले 15 दिनों में मोदी सरकार से गौतम अडाणी के साथ उनके संबंधों के बारे में 45 सवाल पूछे, लेकिन सभी अनुत्तरित रहे। कांग्रेस सवाल पूछती रहेगी।''
विपक्षी एकता की बात करते हुए रमेश ने कहा कि जब कांग्रेस मजबूत होगी तो विपक्ष और मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में दिल्ली-रायपुर उड़ान से उतारे जाने के बाद खेड़ा को आज को दिल्ली विमानतल पर असम पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने बाद में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी।
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