विदेश की खबरें | पोलैंड चुनाव: राष्ट्रवादी शासन के आठ साल बाद मध्यमार्गी विपक्षी दलों के सत्ता में आने की संभावना
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

चुनाव में करीब 73 प्रतिशत मतदान होने का अनुमान किया गया है। यह देश के 34 वर्षों के लोकतंत्र के इतिहास में सर्वाधिक है। यह 1989 में हुए 63 प्रतिशत के मतदान को पार कर गया है, जब साम्यवाद को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।

व्रोकलॉ शहर में मतदान केंद्रों के बाहर, मतदाताओं की कतार इतनी लंबी थी कि तड़के करीब 3 बजे तक मतदान जारी रहा।

इप्सोस द्वारा किये गए ‘एग्जिट पोल’ के अनुसार, मतदाता सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी लॉ एंड जस्टिस पार्टी की आठ वर्षों की विभाजनकारी नीतियों से आजिज गये थे, जिसके चलते अक्सर ही लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन किये हैं। साथ ही, कानून के उल्लंघन को लेकर यूरोपीय संघ ने अरबों यूरो अपने पास रोक रखा है।

चुनाव के नतीजे पड़ोसी देश यूक्रेन के साथ संबंधों पर देखने को मिल सकते हैं। पोलैंड, रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन कर रहा है। लेकिन यूक्रेन के अनाज पोलैंड में पहुंचने और इसके बाजारों को प्रभावित करने पर सितंबर में दोनों देशों (पोलैंड और यूक्रेन) के बीच संबंधों में खटास आ गई।

एग्जिट पोल से प्रदर्शित हुआ है कि मध्यमार्गी तीन विपक्षी दल संसद के 460 सदस्यीय निचले सदन में करीब 248 सीट हासिल कर सकते हैं।

चुनाव आयोग ने कहा कि उसे मंगलवार सुबह तक अंतिम नतीजे जारी किये जाने की उम्मीद है।

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