देश की खबरें | महामारी में घर से काम करने के दौरान पॉडकास्ट, ऑडियो पुस्तक की लोकप्रियता बढ़ी

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर हाल फिलहाल में पोडकास्ट, ऑडियो पुस्तक व ऑडियो कक्षों की लोकप्रियता बढ़ी है। इसकी अहम वजह यह है कि कोरोना वायरस महामारी के दौर में घर से काम करने के दौरान थकने की वजह से लोग मोबाइल, लेपटॉप या टीवी की स्क्रीन पर देखना नहीं चाहते हैं लेकिन वे समाचार या मनोरंजन समाग्री को सुनना पसंद करते हैं।

नोएडा में रहने वाली सोशल मीडिया रणनीतिकार कोयल मजूमदार ने कहा कि महामारी के दौरान मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन को देखने से बचने के लिए उन्हें पॉडकास्ट पसंद है। उन्होंने कहा, “ मुझे काम के सिलसिले में करीब 11-12 घंटे स्क्रीन पर देखना पड़ता है। मैं फिल्म या वेब सीरिज़ देखना चाहूंगी। अगर मैं चीजों को सुन पाऊं तो मुझे स्क्रीन पर कम देखना पड़ेगा।”

दिल्ली में रहने वाले प्रौद्योगिकी उद्यमी बी सुंदरसन कहते हैं कि चीजों के बारे में जानकारी रखने के लिए ऑडियो सरल तरीका है। उन्होंने कहा कि जब मोबाइल पर वीडियो चलाई जा रही होती है तो फोन लॉक करके जेब में नहीं रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पॉडकास्ट के साथ ऐसा नहीं है और इस पर विभिन्न विषय से संबंधित जानकारी और चैनल हैं।

मिसाल के तौर पर स्ट्रीमिंग सेवा ‘अमेज़ॅन प्राइम म्यूजिक’ के पास एक करोड़ से अधिक पॉडकास्ट एपिसोड हैं और उसने इस साल अप्रैल में शुरू होने के बाद से पॉडकास्ट के श्रोताओं की संख्या में ढाई गुना वृद्धि दर्ज करने का दावा किया है।

‘अमेज़ॅन प्राइम म्यूजिक’ के राष्ट्र निदेशक साहस मल्होत्रा कहते हैं कि वे डिजिटल मंच पर पॉडकास्ट के रूप में व्यापक सामग्री लेकर आए हैं जिन तक नए श्रोताओं की एक ही मंच पर पहुंच है। इनमें व्यापार, शिक्षा, धार्मिक आध्यात्मिक तथा अपराध जगत से जुड़ी सामग्री है।

‘स्पॉटीफाइ इंडिया’ के पॉडकास्ट प्रमुख ध्रुवन वैद्य ने बताया कि बीते डेढ़ साल में घर दफ्तरों में तब्दील हो गए हैं और लोग स्क्रीन पर देखकर थक जाते हैं। ऐसे में पॉडकास्ट उनके साथी के तौर पर उभरे हैं।

उन्होंने पीटीआई- से कहा कि खाना पकाते समय, चलते समय या घर के काम करते समय पॉडकास्ट पर सामग्री सुनी जा सकती है।

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