चेन्नई, 14 जून चेन्नई की एक स्थानीय अदालत ने तमिलनाडु के बिजली और आबकारी मंत्री वी सेंथिल बालाजी को बुधवार को 28 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन के एक मामले की जांच के तहत गिरफ्तार किया था।
सत्र अदालत के प्रधान न्यायाधीश एस अली ने आदेश सुनाने से पहले उस सरकारी अस्पताल का दौरा किया जहां बालाजी को आज सुबह भर्ती कराया गया था।
अदालत ने तीन याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित भी रखे। मंत्री ने अंतरिम जमानत मांगी थी और एक निजी अस्पताल में भेजने का अनुरोध किया, वहीं जांच एजेंसी ने बालाजी की पुलिस हिरासत की मांग की।
बालाजी के ठिकानों पर मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापे मारे थे और उसके बाद एजेंसी ने धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत मंगलवार देर रात करीब 1:30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
उच्चतम न्यायालय ने कुछ दिन पहले पुलिस और ईडी को नौकरियों के लिए नकदी लेने से जुड़े घोटाले की जांच की अनुमति दी थी।
बालाजी और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला 2011-15 के दौरान अन्नाद्रमुक सरकार में राज्य के परिवहन मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से संबंधित है, जब उन्होंने अपने भाई आर वी अशोक कुमार तथा बी षणमुगम सहित अपने सहयोगियों के साथ सभी राज्य परिवहन उपक्रमों के प्रबंध निदेशकों और परिवहन निगमों के अन्य अधिकारियों के साथ कथित रूप से आपराधिक साजिश रची थी।
साल 2014-15 के दौरान परिवहन निगम में चालक, परिचालक, जूनियर ट्रेड्समैन, जूनियर इंजीनियर और सहायक इंजीनियर के रूप में भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से रिश्वत प्राप्त करने के लिए कथित रूप से साजिश रची गयी थी।
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