मुंबई, 14 फरवरी धन शोधन मामलों की एक विशेष अदालत ने 4,300 करोड़ रुपये के पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक घोटाला मामले में एचडीआईएल के प्रवर्तक राकेश वधावन को चिकित्सा आधार पर दी गई अंतरिम जमानत को बढ़ाने से इनकार कर दिया।
विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने 13 फरवरी के अपने आदेश में कहा कि आरोपी आधारहीन अनुरोध के लिए उसे दी गई पिछली अंतरिम राहत का फायदा नहीं उठा सकता।
पीएमसी बैंक घोटाले के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा वधावन सहित अन्य लोगों की जांच की जा रही है।
पिछले साल नवंबर में, उच्चतम न्यायालय ने पीएमएलए मामले से जुड़े एक अपराध में चिकित्सा आधार पर हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के संस्थापक को अंतरिम जमानत दे दी थी, जिसकी जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है।
इस साल आठ फरवरी को बंबई उच्च न्यायालय ने इसे कुछ शर्तों पर तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दिया था ताकि आरोपी आवश्यक (स्वास्थ्य संबंधी) जांच करा सकें।
राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग वधावन पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अक्टूबर 2020 में यस बैंक से 200 करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी के संबंध में मामला दर्ज किया था और वे कई एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं।
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