LPG Gas Cylinder Booking New Rules: 1 मई से बदल सकते हैं एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियम, जानें उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर
Representative Image

LPG Gas Cylinder Booking New Rules:  भारत में 1 मई 2026 से एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में बड़े बदलाव होने की उम्मीद है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आ रही बाधाओं और बढ़ती कीमतों के बीच, देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—मौजूदा बुकिंग ढांचे की समीक्षा कर रही हैं. इन संभावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य गैस वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है.

कीमतों में संशोधन की संभावना

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता का असर घरेलू बाजार पर भी दिख रहा है. हाल के महीनों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है. वहीं, कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में भी मार्च और अप्रैल के दौरान लगातार इजाफा हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि 1 मई को होने वाली मासिक समीक्षा में कीमतों में एक बार फिर बदलाव किया जा सकता है.  यह भी पढ़े:  LPG Gas Price Hike: ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव का असर, घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल 115 रुपये महंगा; जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के नए रेट्स

बुकिंग के अंतराल (Lock-in Period) में बदलाव

वर्तमान नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में दो बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल होना अनिवार्य है. रिपोर्टों के अनुसार, मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने के लिए सरकार इस समय सीमा (Lock-in Period) को संशोधित कर सकती है. इसका उद्देश्य सिलेंडर की कालाबाजारी रोकना और जरूरतमंदों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है.

OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम होगा अनिवार्य

डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) यानी ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम अब लगभग स्थाई होने जा रहा है. वर्तमान में करीब 94% डिलीवरी इसी सिस्टम के जरिए हो रही है. 1 मई से इसे देशव्यापी स्तर पर पूरी तरह अनिवार्य बनाया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक ही पहुंच रहा है.

Aadhaar eKYC और सब्सिडी के नियम

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी (eKYC) अनिवार्य बनी रहेगी. लाभार्थियों को अपनी सब्सिडी जारी रखने के लिए हर वित्तीय वर्ष में एक बार प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी. हालांकि, सामान्य उपभोक्ताओं (Non-PMUY) के लिए, जिन्होंने पहले ही अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें इसे दोबारा करने की आवश्यकता नहीं होगी.

PNG की ओर बढ़ने का दबाव

सरकार शहरी क्षेत्रों में पाइप नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा दे रही है. नए दिशा-निर्देशों के तहत, जिन इलाकों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. ऐसा न करने पर उनके एलपीजी कनेक्शन पर विचार किया जा सकता है.

इन संभावित बदलावों को लेकर अभी आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है, लेकिन उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने वितरकों के संपर्क में रहें और आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें.