Priti Paswan Viral Video Controversy: भोजपुरी स्टेज डांसर और लोकप्रिय सोशल मीडिया पर्सनैलिटी प्रीति पासवान (Preeti Paswan) ने इंटरनेट पर उनके नाम से प्रसारित किए जा रहे एक कथित आपत्तिजनक वीडियो (Kand Video) पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वायरल हो रहे अश्लील फुटेज में दिख रही महिला वह नहीं हैं. पिछले कुछ दिनों से इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर '1 मिनट 48 सेकंड' का एक शॉर्ट क्लिप प्रीति पासवान के नाम से तेजी से फैलाया जा रहा था, जिसके बाद उन्हें इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है.
प्रीति पासवान ने दी ये सफाई
फेसबुक पर अपने आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो संदेश साझा करते हुए प्रीति पासवान ने इस विवाद में अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है. उन्होंने वीडियो में दिख रही महिला और अपनी शारीरिक बनावट के बीच के अंतर को उजागर करते हुए सबूत पेश किए हैं.
दी ये सफाई
प्रीति पासवान ने कहा कि उनके चेहरे पर एक स्थायी तिल है और उनके कंधे पर एक टैटू बना हुआ है, जबकि वायरल हो रहे आपत्तिजनक वीडियो में दिख रही महिला के शरीर पर ऐसा कोई भी पहचान चिह्न मौजूद नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल इंटरनेट ट्रैफिक और व्यूज बटोरने के लिए उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.
साइबर क्राइम सेल से की शिकायत
इस भ्रामक सूचना और अश्लील वीडियो को फैलाने वालों के खिलाफ डांसर ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रीति पासवान ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस और साइबर क्राइम अधिकारियों से संपर्क किया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी लोग झूठे दावों के साथ इस वीडियो क्लिप को इंटरनेट पर शेयर या री-पोस्ट कर रहे हैं, उन्हें गंभीर कानूनी नतीजों और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
कौन हैं प्रीति पासवान?
प्रीति पासवान उत्तर भारत और पड़ोसी देशों के कुछ हिस्सों में एक जाना-माना डिजिटल चेहरा हैं. वह मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल के मधेस प्रांत में आयोजित होने वाले क्षेत्रीय भोजपुरी स्टेज शो, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय मेलों में अपने डांस परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है और उनके लाइव कार्यक्रमों में भारी भीड़ उमड़ती है.
क्लिकबेट और फर्जी लिंक से सावधान रहने की चेतावनी
इस पूरे विवाद के बीच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और डिजिटल विश्लेषकों ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को एक जरूरी चेतावनी जारी की है. विशेषज्ञों का कहना है कि "प्रीति पासवान वायरल वीडियो" या "1 मिनट 48 सेकंड फुल वीडियो" के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे अधिकांश लिंक फर्जी और दुर्भावनापूर्ण (Malicious) हैं.
सर्च वॉल्यूम बढ़ाने के लिए स्पैमबॉट्स द्वारा इन ट्रेंडिंग कीवर्ड्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन असत्यापित यूआरएल (URLs) पर क्लिक करने से उपयोगकर्ता फिशिंग अटैक, मैलवेयर इन्फेक्शन और डेटा चोरी का शिकार हो सकते हैं.













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