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CNG Price Hike: मुंबईवासियों को महंगाई का एक और झटका! पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी हुई ₹2 प्रति किलो महंगी, जानें नई दरें

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सीएनजी उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है. महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने शनिवार, 30 मई 2026 को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है. इस संशोधन के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में सीएनजी की नई खुदरा दर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है.

CNG Price Hike: मुंबईवासियों को महंगाई का एक और झटका! पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी हुई ₹2 प्रति किलो महंगी, जानें नई दरें
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CNG Price Hike:  मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में शनिवार, 30 मई 2026 से संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा कर दिया गया है. सरकारी गैस वितरक कंपनी महानगर गैस लिमिटेड (MGL) द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद अब मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई सहित आसपास के शहरों में सीएनजी की खुदरा कीमत 86 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. चालू महीने में यह दूसरी बार है जब कंपनी ने सीएनजी के दामों में वृद्धि की है. इससे पहले 14 मई को भी गैस की कीमतें बढ़ाई गई थीं.

आम आदमी-कमर्शियल वाहनों पर पड़ेगा असर

सीएनजी की कीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी का सीधा असर निजी वाहन मालिकों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन चालकों की जेब पर पड़ेगा. मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण और रायगढ़ जैसे क्षेत्रों में लाखों लोग सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि इस बढ़ोतरी के बावजूद प्रति किलोमीटर के खर्च के मामले में सीएनजी अभी भी पेट्रोल और डीजल की तुलना में अधिक किफायती विकल्प बनी हुई है.  यह भी पढ़े:  CNG Price Hiked: महंगाई का एक और झटका! पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी ₹2 प्रति किलो महंगी, दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में जानें नए रेट

मुंबई में पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़े

सीएनजी के साथ-साथ मुंबई में पारंपरिक ईंधनों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं. इसी हफ्ते सोमवार को पेट्रोल के दामों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी, जो दो सप्ताह के भीतर चौथी बढ़ोतरी थी. इस संशोधन के बाद मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गई है.

वैश्विक संघर्ष और कच्चे तेल का बढ़ता संकट

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में ईंधन की कीमतों में हो रही इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह वैश्विक तेल बाजार में जारी उथल-पुथल है. मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.

इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से ही क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. ईरान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है. यह एक ऐसा महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया की कुल तेल और एलएनजी (LNG) आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है.

केंद्र सरकार ने की ईंधन संरक्षण की अपील

ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और देश के आयात बिल पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है. इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों और सरकारी विभागों से ईंधन बचाने की अपील की थी. सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने और चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को नियंत्रित करने के लिए गैर-जरूरी यात्राओं को सीमित करने तथा वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) को बढ़ावा देने जैसे सुझाव जारी किए हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2026 08:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).