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Petrol-Diesel Tax Cut: मोदी सरकार का फैसला, पेट्रोल पर ₹1.50 और डीजल पर ₹13.50 टैक्स घटाया, 1 जून से नई दरें होगीं लागू

केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) में कटौती की घोषणा की है. यह नया नियम 1 जून 2026 से प्रभावी होगा.

Petrol-Diesel Tax Cut: मोदी सरकार का फैसला, पेट्रोल पर ₹1.50 और डीजल पर ₹13.50 टैक्स घटाया, 1 जून से नई दरें होगीं लागू
(Photo Credits WC)

Petrol-Diesel Tax Cut: केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) में कमी करने का एलान किया है. वित्त मंत्रालय द्वारा शनिवार, 30 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह बदलाव 1 जून, 2026 से प्रभावी माना जाएगा. सरकार के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली भारतीय तेल कंपनियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह साफ कर दिया गया है कि इस कटौती का देश के घरेलू बाजार में आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

निर्यात शुल्क में कटौती के मुख्य आंकड़े

सरकार द्वारा जारी नई दरों के तहत पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को 3 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इसी प्रकार, डीजल पर लगने वाले निर्यात शुल्क में 3 रुपये की कटौती करते हुए इसे 16.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है. हवाई ईंधन यानी एटीएफ के निर्यात पर भी शुल्क को 16 रुपये प्रति लीटर से कम करके 9.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इसके साथ ही, पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगाया जाने वाला 'रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस' (RIC) पहले की तरह ही शून्य बना रहेगा.  यह भी पढ़े:  Rahul Gandhi on Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर भड़के राहुल गांधी, PM मोदी को कहा- ‘महंगाई मानव’

घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं होगा कोई सीधा असर

इस टैक्स कटौती को लेकर आम जनता के बीच किसी भी भ्रम को दूर करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल निर्यात (Export) किए जाने वाले ईंधन पर लागू है. घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि आम वाहन चालकों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन की दरों में कोई कमी देखने को नहीं मिलेगी. सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के औसत के आधार पर हर 15 दिन में इस विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विंडफॉल टैक्स) की समीक्षा करती है, ताकि वैश्विक स्तर पर होने वाले अप्रत्याशित लाभ को नियंत्रित किया जा सके.

पृष्ठभूमि और टैक्स लगाने का मुख्य उद्देश्य

यह विशेष टैक्स मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संकट के बाद लागू किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और भारतीय कंपनियों द्वारा स्थानीय बाजार की अनदेखी कर केवल मुनाफे के लिए बाहर निर्यात करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना था. वर्तमान में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आने के कारण सरकार ने इस नीति में ढील दी है ताकि भारतीय तेल कंपनियां वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा में बनी रह सकें.

महानगरों में आज ईंधन के मौजूदा दाम

घरेलू स्तर पर तेल विपणन कंपनियों ने आज, 31 मई 2026 को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है. हालांकि, मई महीने के दौरान देश भर में ईंधन की कीमतों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है. आज देश के प्रमुख महानगरों में कीमतें इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर.

  • मुंबई: पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर.

  • कोलकाता: पेट्रोल 105.45 रुपये और डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर.

  • चेन्नई: पेट्रोल 100.84 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर.

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का प्राथमिक ध्यान फिलहाल देश की ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन को साधने पर केंद्रित है. इसी वजह से जहां एक तरफ निर्यातकों को राहत दी गई है, वहीं घरेलू कीमतों पर पैनी नजर रखी जा रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2026 11:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).