नयी दिल्ली, आठ अगस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाकपटुता और एक वाक्य में की जानी वाली चुटीली टिप्पणियों के लिए उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू की सोमवार को सराहना की और कहा कि उनके कार्यकाल में राज्यसभा के कामकाज में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
नायडू को उच्च सदन में विदाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उन्होंने हमेशा संवाद को प्रोत्साहित किया और कई ऐसे मानदंड स्थापित किए जो एक विरासत के रूप में उनके उत्तराधिकारियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है।
मोदी ने कहा कि नायडू का हमेशा इस बात पर जोर रहा कि एक सीमा के बाद सदन में व्यवधान पैदा करना उसकी अवमानना के समान होता है।
उन्होंने कहा कि सभापति ने हमेशा ‘‘सरकार को प्रस्ताव लाने दें, विपक्ष को उसका विरोध करने दें और सदन को उसका समाधान निकालने दें’’ के सिद्धांत पर काम किया।
उन्होंने कहा, ‘‘आपके कार्य, आपके अनुभव आगे सभी सदस्यों को जरूर प्रेरणा देंगे। अपने विशिष्ट तरीके से आपने सदन चलाने के लिए ऐसे मानदंड स्थापित किये हैं, जो आगे इस पद पर आसीन होने वालों को प्रेरित करते रहेंगे।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में नायडू की मौजूदगी में सदन की कार्यवाही के दौरान हर भारतीय को विशिष्ट अहमियत दी गई है और उन्होंने सदन में सभी भारतीय ओं को आगे बढ़ाने के लिए काम किया।
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