देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु के लिए दी परियोजनाओं की सूची बताएं: एम के स्टालिन

पोल्लाच्चि (तमिलनाडु), 13 मार्च तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश आगामी दौरे पर केंद्र सरकार द्वारा राज्य को दी गई विशेष परियोजनाओं की सूची बताने की चुनौती दी।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश के अपने पिछले दौरे में कहा था कि राज्य सरकार केंद्रीय की योजनाओं में अड़चन पैदा कर रही है, और इसी के उत्तर में स्टालिन का यह बयान आया है।

स्टालिन ने कहा कि मोदी को उन केंद्रीय परियोजनाओं का भी उल्लेख करना चाहिए जिनमें तमिलनाडु की द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार ने अड़चन डाली है।

एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुये स्टालिन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अखबारों और टेलीविजन चैनलों में ‘मोदी की गारंटी’ के बारे में विज्ञापन दिया है, लेकिन वास्तव में उन्होंने लोगों के लिए कुछ नहीं किया है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करने और साल में दो करोड़ नौकरियां देने की मोदी की ‘पुरानी गारंटी’ का क्या हुआ।

सरकारी समारोह में उन्होंने लाभार्थियों को कल्याणकारी योजना के तहत सहायता वितरित की, नयी परियोजनाओं की नींव रखी और कई नयी योजनाओं की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री आने वाले दिनों में एक बार फिर तमिलनाडु का दौरा करने वाले हैं।

स्टालिन ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ तमिलनाडु के लोगों को उनसे राज्य के लिए शुरू की गई विशेष योजनाओं के बारे में पूछना चाहिए। सभी को प्रधानमंत्री से जवाब मांगना चाहिए। क्या आप सभी उनसे पूछेंगे?’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार ने केंद्र सरकार की परियोजनाओं को विफल कर दिया। यह ‘‘झूठ के अलावा कुछ नहीं है; यह मोदी का झूठ है।’’

स्टालिन ने कहा, ‘‘ वह कौन सी परियोजना लेकर आए हैं? हमने कौन सी परियोजना में अड़चन डाली है? क्या वह बताएंगे कि हम किस परियोजना में बाधा बने हैं?’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के आरोपों को खारिज करने के लिए सिर्फ एक उदाहरण देंगे।

तमिलनाडु के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परियोजना की घोषणा 2015-16 के केंद्रीय बजट में की गई थी, लेकिन मदुरै में इसका निर्माण हाल ही में शुरू हुआ है।

उन्होंने कहा कि केंद्र में एक ऐसी सरकार लाने का समय आ रहा है जो राज्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।

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