देश की खबरें | केवल चुनावी एजेंडे के तौर पर यूसीसी के मुद्दे को उठा रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी : आईयूएमएल

मलप्पुरम (केरल), 28 जून कांग्रेस की सहयोगी और केरल में विपक्षी यूडीएफ गठबंधन में शामिल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का मुद्दा केवल अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले चुनावी एजेंडे के तौर पर आगे बढ़ा रहे हैं क्योंकि उनके पास नौ साल के कार्यकाल की कोई उपलब्धि दिखाने के लिए नहीं है।

आईयूएमएल के वरिष्ठ सदस्यों ने आज यहां एक बैठक की जिसमें पार्टी के प्रदेश प्रमुख सईद सादिक अली शिहाब थंगल, उसके राष्ट्रीय महासचिव पी के कुन्हालीकुट्टी और सांसद ईटी मोहम्मद बशीर उपस्थित थे। आईयूएमएल नेताओं ने कहा कि उन्होंने यूसीसी का विरोध करने का फैसला किया है।

आईयूएमएल नेताओं ने कहा कि यूसीसी कोई मुसलमानों का मुद्दा नहीं है, लेकिन मोदी इसे इसी तरह पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले तुरुप के आखिरी पत्ते के तौर पर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि उनके पास नौ साल की कोई उपलब्धि दिखाने के लिए नहीं है।

कुन्हालीकुट्टी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह प्रधानमंत्री का चुनाव से जुड़ा एजेंडा है क्योंकि उनके पास नौ साल के शासन में दिखाने के लिए कुछ नहीं है। वह बेमतलब के मुद्दे को हवा दे रहे हैं और जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी।’’

बशीर ने कहा कि आईयूएमएल ने यूसीसी का हमेशा विरोध किया है और आगे भी करती रहेगी क्योंकि भारतीय परिदृश्य में इसे प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में यूसीसी को कभी लागू नहीं किया जा सकता जहां इतनी विविधता है, अलग-अलग धर्म के लोगों की अपनी परंपराएं, आस्थाएं और रिवाज हैं।

बशीर ने कहा कि इस मुद्दे पर अगले कुछ दिन में भोपाल में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी।

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