नयी दिल्ली, 25 मार्च राज्यसभा में मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के प्रबंधन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उसमें जवाबदेही एवं पारदर्शिता की कमी थी।
उच्च सदन में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 पर चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष संप्रग के दौर में बनाया गया था, जबकि ‘पीएम-केयर्स फंड’ की स्थापना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के दौरान की गई थी।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस के शासन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष पर सिर्फ एक परिवार का नियंत्रण था। कांग्रेस अध्यक्ष प्रधानमंत्री राहत कोष के सदस्य होते थे। आप इस देश के लोगों को क्या जवाब देंगे?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि संप्रग शासन में राजीव गांधी फाउंडेशन को प्रधानमंत्री राहत कोष से धन दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘उनके समय में कोई पारदर्शिता नहीं थी। फंड के उपयोग को देखने के लिए कोई समिति नहीं थी।’’
शाह ने कहा कि इसके विपरीत ‘‘पीएम-केयर्स फंड’’ के प्रबंधन में ट्रस्टी के रूप में वित्त और रक्षा मंत्रियों सहित शीर्ष पांच मंत्री शामिल हैं तथा पांच सचिवों की एक समिति इसके व्यय की समीक्षा करती है और मंजूरी देती है।
कोविड महामारी के दौरान ‘पीएम-केयर्स फंड’’ का इस्तेमाल वेंटिलेटर और टीकाकरण आदि के लिए किया गया था।
उन्होंने कहा कि ‘पीएम-केयर्स फंड’ के प्रबंधन में किसी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष शामिल नहीं हैं।
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