जरुरी जानकारी | कतर सौदे का नवीनीकरण करने के लिए कीमत में कटौती चाहती है पेट्रोनेट

नयी दिल्ली, 12 मई भारत की प्रमुख गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने कतर सौदे का नवीनीकरण करने के लिए कीमत घटाने की मांग की है।

कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अक्षय कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि दीर्घकालिक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात सौदे का 2028 से आगे नवीनीकरण करने के लिए कतर गैस को कीमत कम करनी चाहिए।

कंपनी देश में बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए निकट भविष्य में 7.5 लाख से 10 लाख टन एलएनजी के लिए सौदा करना चाहती है। खासतौर से शहरी गैस क्षेत्र की मांग को पूरा करने के लिए कंपनी एलएनजी के लिए सौदा करना चाहती है।

सिंह ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि कतर भारत को प्रतिवर्ष 75 लाख टन एलएनजी की बिक्री करता है। ये बिक्री मौजूदा ब्रेंट कीमत के 12.67 प्रतिशत और 0.52 डॉलर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) के आधार पर की जाती है। (यदि तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल है तो एलएनजी की कीमत 13.19 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू होगी।)

पेट्रोनेट इस कीमत के मुकाबले थोड़े से बदलाव पर अतिरिक्त 10 लाख टन एलएनजी भी खरीदती है। प्रति वर्ष 85 लाख टन का करार 2028 में खत्म हो रहा है।

सिंह ने आगे कहा, ‘‘उन्होंने (कतर गैस) बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान सहित हमारे पड़ोसी देशों के साथ निचली दरों पर (12.67 प्रतिशत से अधिक) अनुबंध किया है। हमें उम्मीद है कि उन स्तरों पर दीर्घकालिक सौदे का नवीनीकरण किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके साथ बेहद गंभीरता से बेहतर कीमत के लिए बातचीत कर रहे हैं।’’

उन्होंने संकेत दिया कि पेट्रोनेट मौजूदा 85 लाख टन से अधिक मात्रा के लिए अनुबंध कर सकती है।

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