नयी दिल्ली, 25 जून दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर ट्राई तथा दूरसंचार विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है कि दूरसंचार कंपनियां कोविड-19 महामारी के दौरान निर्धारित समय पर फोन रिचार्ज नहीं होने पर ग्राहकों के नंबर पर फोन आने (इनकमिंग कॉल) को बंद नहीं करें।
कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र प्रियतम भारद्वाज ने जनहित याचिका दायर कर दलील दी है कि दूरसंचार कंपनियां समय पर मोबाइल रिचार्ज नहीं कराने पर ‘इनकमिंग कॉल’ और संदेश की सुविधा बंद कर दे रही हैं। इससे उन लोगों को समस्याएं हो रही हैं जो मौजूदा हालात में वित्तीय समस्याओं के कारण मोबइल रिचार्ज कराने की स्थिति में नहीं हैं।
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उसने जनहित याचिका में कहा है, ‘‘वित्तीय संकट के समय व्यक्ति पर फोन रिचार्ज के लिये दबाव देना और ऐसा नहीं करने पर उसका ‘इनकमिंग कॉल’ और संदेश की सुविधा बंद करना उन्हें प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा है।’’
छात्र ने कहा कि उसने कोविड-19 महामारी के दौरान ‘इनकमिंग कॉल’ की सुविधा बंद नहीं करने के बारे में मई में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को पत्र लिखा था लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
याचिका में कहा गया है कि वहीं दूरसचंचार विभाग ने कहा कि वह प्रस्ताव पर विचार करेगा लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
याचिका में भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन जैसी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को भी उन नंबरों पर ‘इनकमिंग कॉल’ की सुविधा बहाल करने का निर्देश देने का आग्रह किया है जिस पर कोविड-19 के दौरान निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं करने के कारण ये सेवाएं बंद कर दी गयी हैं।
मामले पर अगली अगली सुनवाई शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायाधीश प्रतीक जालान की पीठ के समक्ष होगी।
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