देश की खबरें | पीडीपी का स्व-शासन का सूत्र जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का हल निकाल सकता है: महबूबा

जम्मू, 13 सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जम्मू-कश्मीर को जेल में तब्दील करने का आरोप लगाते हुए पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी के स्व-शासन के सूत्र में भारत और पाकिस्तान की संप्रभुता से समझौता किये बिना जम्मू-कश्मीर के मुद्दे के समाधान की क्षमता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद ही चुनाव पूर्व गठबंधन पर कोई फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि गुपकार घोषणापत्र के तहत उनका गठजोड़ अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए है, चुनाव के लिए नहीं।

पार्टी के नवनियुक्त महासचिव अब्दुल राशिद मलिक और युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष तथा सभी मोर्चों के समन्वयक परवेज वाफा को सम्मानित करने के बाद मुफ्ती ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि स्व-शासन उस दिन शुरू हो गया था जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) को पार करने के लिए मुजफ्फराबाद-उरी और रावलकोट-पुंछ मार्ग खोले थे।

विश्वास-बहाली के सबसे बड़े उपाय के रूप में, अप्रैल 2005 में कश्मीर में श्रीनगर-मुजफ्फराबाद मार्ग पर और जम्मू क्षेत्र में पुंछ-रावलकोट मार्ग पर 20 जून, 2006 को बस सेवा शुरू की गई थी ताकि एलओसी के दोनों ओर रह रहे एक ही परिवार के लोगों को एक-दूसरे से मिलने में सुविधा हो। दोनों पक्षों के बीच नियंत्रण रेखा के पार व्यापार अक्टूबर 2008 में शुरू हुआ था।

हालांकि एलओसी के पार व्यापार और बस सेवा अप्रैल 2019 से निलंबित है। भारत ने पाकिस्तानी तत्वों द्वारा हथियारों, जाली मुद्रा और मादक पदार्थों की आपूर्ति के लिए व्यापार मार्गों का दुरुपयोग होने की बात कहते हुए इसे रोक दिया था।

महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘कोई स्व-शासन को नहीं रोक सकता। अगर आप संवैधानिक दायरे में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का समाधान चाहते हैं तो स्व-शासन एकमात्र विकल्प है जिससे सीमाएं बदले बिना या भारत और पाकिस्तान दोनों की अखंडता से समझौता किये बिना इस मुद्दे का समाधान निकल सकता है।’’

भाजपा के साथ सरकार बनाने के अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसले का बचाव करते हुए महबूबा ने कहा कि वह भाजपा के समर्थक नहीं हो गये थे, बल्कि उन्होंने यह सोचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाथ मिलाया था कि वह उसी रास्ते पर चलेंगे जो वाजपेयी ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का समाधान निकालने के लिए दिखाया था।

महबूबा ने कहा, ‘‘उन्होंने उस समय के हालात, जनादेश, वाजपेयी के रिकॉर्ड और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे के समाधान के लिए संवाद की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया।’’

पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि उनके पिता ने जम्मू-कश्मीर की जनता के बारे में सोचा था जिसने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था और उसे दरकिनार नहीं किया जा सकता था।

उन्होंने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद ने काफी वक्त जम्मू में बिताया है और वह हमेशा जम्मू-कश्मीर को एक देखना चाहते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जनता से मुलाकात करने और भाजपा का पर्दाफाश करने के लिए नियमित जम्मू जाती हूं जो धर्म के आधार पर लोगों का विभाजन करती है। हम धर्मनिरपेक्ष हैं और यदि आप सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष स्थान देखना चाहते हैं तो वह जम्मू है जहां सभी आस्थाओं के लोग एकसाथ रहते हैं। कश्मीर एक समय अपनी धर्मनिरपेक्षता के लिए जाना जाता था लेकिन दुर्भाग्य से इस समय वहां ऐसा माहौला नहीं है।’’

आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर महबूबा ने कहा कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उनके उद्योगपति मित्र चुनाव के समय के बारे में जानते हैं।

भाजपा के खिलाफ तीसरा मोर्चा बनने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘गुपकार घोषणापत्र (पीएजीडी) के बैनर तले हमारा नेशनल कॉन्फ्रेंस, माकपा, भाकपा और अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन है और हमने यह चुनाव के लिए नहीं किया है। गठबंधन अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए की बहाली के लिए है।’’

महबूबा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर को जेल में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘यूएपीए कानून के तहत दर्जनों लोगों को जेल में डाला गया और कई को थानों के चक्कर लगाने पड़े। सब पर नजर रखी जा रही है और उनका दावा है कि सबकुछ ठीक है।’’

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