28 मई की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

होर्मुज के रास्ते पर नियंत्रण रखने वाली ईरानी संस्था पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिया है.होर्मुज पर नियंत्रण रखने वाली एजेंसी पर अमेरिका का प्रतिबंध

भारत में आज मनाई जा रही ईद-उल-अजहा, मस्जिद-ईदगाहों में अदा की गई नमाज

भारत के अधिकतर हिस्सों में गुरुवार, 28 मई को ईद-उल-अजहा मनाई जा रही है. इस मौके पर सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग मस्जिदों और ईदगाहों में इकट्ठा हुए और विशेष नमाज अदा की. ईद-उल-अजहा को भारत में बकरीद के नाम से भी जाना जाता है. इसकी तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है. इस वजह से जम्मू-कश्मीर समेत कई क्षेत्रों में बकरीद बुधवार को मनाई गई.

ईद-उल-अजहा के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी. बकरीद को “समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक” बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्व हमें मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है. वहीं, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कामना है कि यह अवसर हमारे समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और गहरा करे.”

भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा कि ईद-उल-अजहा का त्योहार त्याग, आस्था, करुणा और क्षमा जैसे गुणों को दर्शाता है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा, “आपको और आपके परिवार को खुशियों से भरी बकरीद की शुभकामनाएं. आज आपका घर प्यार और अपनेपन से भरा रहे. ईद मुबारक.”

होर्मुज के रास्ते पर नियंत्रण रखने वाली ईरानी संस्था पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया

अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने ईरान की उस नियामक संस्था पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसे हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए बनाया गया था. इस संस्था का नाम है पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी. बुधवार को जारी एक बयान में ट्रेजरी विभाग ने कहा है कि यह संस्था, "ईरानी नियंत्रण की योजना का नेतृत्व करती है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अमेरिकी प्रतिबंध का उल्लंघन करती है."

विभाग ने यह भी कहा है, "कथित स्ट्रेट अथॉरिटी के साथ सहयोग करने वाले" प्रतिबंधों की चपेट में आ सकते हैं. अमेरिकी ट्रेजरी का कहना है कि ऐसा करने वाले संभवतया इस्लामिक रेवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को सहयोग देंगे और सेवाएं हासिल करेंगे जो आखिरकार इस उगाही की कोशिश से फायदा हासिल करेगा."

ईरान ने इसी महीने इस संस्था का गठन किया है. ईरान युद्ध शुरु होने के तुरंत बाद ही ईरान की सेना ने होर्मुज के जलमार्ग को अपने नियंत्रण में ले लिया. धमकियां, जांच और हमलों के डर की वजह से यह जलमार्ग बीते कई महीनों से लगभग बंद हो गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत चढ़ गई है.

ईरान कहता है कि उसने होर्मुज का रास्ता बंद नहीं किया है. हालांकि, सच्चाई यह है कि शिपिंग कंपनियों को ईरानी अधिकारियों से सहयोग करना पड़ता है उसके बाद ही उन्हें यह रास्ता पार करने की अनुमति मिल रही है, वह भी ईरानी तट से लगते एक कॉरिडोर के जरिए. ऐसी खबरें हैं कि ईरानी सरकार इसके लिए ऊंची फीस वसूलती है. पश्चिमी सरकारें और खाड़ी के देश के साथ ही शिपिंग कंपनियां ईरान के लगाए टोल का विरोध करती हैं.